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पुष्कर सरोवर में हिलोरे मार रहा बारिश का पानी,जलस्तर बढक़र 12 फीट पहुंचा,झमाझम बरखा में नहाया तीर्थराज

नाग पहाड़ी से फूटे झरने सरोवर में मिलने से बढ़ा जल स्तर,सरोवर के घाटों की सीढिय़ों पर चढ़ रहा पानी,सरोवर की मछलियों को मिला नया जीवनदान

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पुष्कर सरोवर में हिलोरे मार रहा बारिश का पानी,जलस्तर बढक़र 12 फीट पहुंचा,झमाझम बरखा में नहाया तीर्थराज

पुष्कर सरोवर में हिलोरे मार रहा बारिश का पानी,जलस्तर बढक़र 12 फीट पहुंचा,झमाझम बरखा में नहाया तीर्थराज

अजमेर/पुष्कर. इस साल भले ही मानसून देरी से आया। फसलों को कुछ नुकसान हुआ। आसाढ़ सूखा निकलने से लोग कई तरह की आशंकाओं से ग्रसित रहे,लेकिन सावन माह में बारिश की झड़ी ने सबको तरबतर कर दिया। तीर्थराज पुष्कर में रविवार शाम तक हुई झमाझम बरसात ने तीर्थराज पुष्कर की फिजां और सरोवर का नजारा ही बदल दिया।

नाग पहाड़ी से झरने फूट पड़े जो पहाड़ी से नीचे उतरते हुए नदी की शक्ल में पुष्कर सरोवर में आ मिले। इससे सरोवर का जलस्तर एकसाथ ही तकरीबन बारह फीट बढ़ गया। बरसात से पहले तक सरोवर का केवल 6 फीट का लेवल 16 फीट तक हो गया।

फूटे झरने, फीडर लबालब

रविवार की अलस्सुबह से ही झमाझम बरसात शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरे कस्बे में पानी ही पानी हो गया। पुष्कर के मुख्य बाजार में जलभराव हो गया वहीं नाग पहाड़ी से झरने फूट पड़े। कपिलकुंड, खरेखड़ी व सावित्री फीडर झरनों के पानी से लबालब होकर इनका सारा पानी पुष्कर सरोवर में आ मिला।

चेहरे खिले, गूंजे जयकारे

मौसम खुशगवार होने के साथ साथ पुष्कर सरोवर भरने से पुरोहितों, दुकानदारों व कस्बेवासियों के चेहरें खिल उठे। पुष्कर के घाट जयकारों से गूंज उठे। पुष्कर सरोवर कर जलस्तर बढकर 16 फीट हो गया है। घाट परिक्रमा बंद हो गई है। सिल्टडेम, नहर व पुष्कर सरोवर का एक समान स्तर हो गया है।

बरसात जारी रहने से मौसम खुशगवार हो गया, लेकिन मकानों में सीलन आ गई। छतों से पानी टपकने लगा है। साथ ही कस्बे के वराह घाट, परिक्रमा मार्ग, गुरुद्वारा मार्ग पूरी तरहे गंदे पानी का दरिया बनने से राहगीरों को परेशान होना पड़ा।

झरनों में नहाने उमड़े लोग

नाग पहाड़़ी के विश्वामित्र, अगस्त्य एवं नारी के फॅर्रे में बरसात के बाद फूट झरनों में नहाने के लिए पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। बहते झरनों के बीच हरियाली से आच्छादित नाग पहाड़़ी के प्राकृतिक सौन्दर्य का लुत्फ उठाने के लिए पहाड़ी पर मेला-सा लग गया। पुष्कर के साथ आसपास के पर्यटकों ने कई घंटों तक झरनों में स्नान किया