
ajmer central jail
अजमेर.
सेंट्रल जेल (ajmer central jail) में कैदियों से वसूली मामले में पुलिस गहन पड़ताल में जुटी है। दो महीने पहले उजागर हुए सुविधा शुल्क (illegal money) प्रकरण के बाद प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। उधर बंदी की शिकायत और परिजनों द्वारा कुछ और समझने की बात भी सामने आई है। उधर सरकार की भी जेल पर पैनी नजर है। सुविधा शुल्क वसूली के बाद से यह जेल एसीबी (ACB) के टार्गेट पर है।
भिनाय क्षेत्र के केरोट निवासी आसाराम कीर ने सिविल लाइंस पुलिस (civil lines police) को शिकायत दी थी। इसमें जेल कर्मचारी द्वारा मारपीट करने, जेल प्रहरी द्वारा सुविधा शुल्क वसूली (money deamand) करने का मामला शामिल है। पुलिस शनिवार को भी मामले की पड़ताल में जुटी रही।
परिजन के समझने में फेर..
जेल प्रशासन (jail administration) ने बंदी आसाराम के परिजनों के बीच बातचीत कराई। उसने बताया कि उसके साथ थाने में मारपीट हुई थी। इसके कारण वह चोटिल (injured) हुआ था। फोन पर उसने जेल कैंटीन (canteen) के लिए पैसा डालने की बात कही थी, जिसे परिजन ने जबरन शुल्क वसूली समझ लिया।
चर्चित रहा था वसूली प्रकरण
सेंट्रल जेल में बीती 19 जुलाई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (anti curruption bureu) ने जेल में कार्रवाई की। इस मामले में अजमेर सेंट्रल जेल का मुख्य जेल प्रहरी अरुण कुमार चौहान, भरतपुर के संजय सिंह, सेंट्रल जेल प्रहरी प्रधान बाना, नागौर परबतसर पीलवा राबडिय़ा निवासी केसाराम जाट पकड़ा गया था। सजायाफ्ता बंदी लौंगिया मोहल्ला निवासी दीपक उर्फ सन्नी, सागर तेजी और दरगाह बाजार हाल लौंगिया मोहल्ला निवासी प्रवेश भी पकड़ा गया था। प्रदेश स्तर (state wide) पर यह मामला काफी चर्चित रहा था।
Updated on:
22 Sept 2019 09:26 am
Published on:
22 Sept 2019 09:26 am
