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जेल में वसूली का खेल: खुलेंगी परते कई चेहरे आएंगे सामने

(Ajmer Central Jail- बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली प्रकरण
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अजमेर

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Amit Kakra

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Updated: 31 Jul 2019, 2:03 PM IST

Ajmer Central Jail: more names will be disclose

जेल में वसूली का खेल: खुलेंगी परते कई चेहरे आएंगे सामने

अजमेर.

सेन्ट्रल जेल अजमेर (Ajmer Central Jail) में बंदियों से सुविधा शुल्क प्रकरण में पर्दे के पीछे रहकर मलाई खाने वाले जेल के अधिकारी भी जल्द बेनकाब होंगे। अनुसंधान में जुटी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो स्पेशल चौकी (Ajmer ACB Special Cell) की टीम प्रकरण में गिरफ्तार जेल प्रहरी व सजायाफ्ता बंदियों की पूछताछ में उनके सबूत तलाशने में जुटी है जिससे एसीबी का उन जेल अधिकारियों पर शिकंजा कस सके।

अनुसंधान अधिकारी (Ajmer ACB Special Cell) पारसमल को जेल प्रहरी अरुण कुमार चौहान, संजयसिंह, प्रधान बाना, केसाराम जाट, सजाफ्ता कैदी दीपक उर्फ सन्नी, रामेश्वर उर्फ रमेश जाट, शैतानसिंह जाट और प्रवेश उर्फ पोलू व सागर तेजी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। एसीबी रामेश्वर उर्फ रमेश जाट और शैतानसिंह से पूछताछ में मिली जानकारियों की तस्दीक करने में जुटी है। गौरतलब है कि रामेश्वर उर्फ रमेश जाट व उसका भाई शैतान सिंह जेल परिसर में जेल अधिकारियों के इशारे पर सारा तानाबाना बुनते थे। जेल के भीतर की सारी व्यवस्थाओं और वसूली की जिम्मेदारी शैतान सिंह ने उठा रखी थी। शैतान सिंह के जरिए ही बंदी सुविधाओं की बात आगे रखते थे। इसके बाद जेल के मुख्य प्रहरी प्रधान बाना और केसाराम जाट बंदियों की सुविधा का इंतजाम करते थे। इसके बदले में मोटी रकम वसूली जाती थी। अब एसीबी पूरे खेल में पर्दे के पीछे शाामिल जेल अधिकारियों की लिप्तता के सबूत ढूंढने में लगी है।

आज अदालत में करेंगे पेश
एसीबी (Ajmer) गिरफ्तार अरूण चौहान, संजयसिंह, प्रधान बाना, केसाराम जाट, सजाफ्ता कैदी दीपक उर्फ सन्नी, रामेश्वर उर्फ रमेश, शैतानसिंह, प्रवेश उर्फ पोलू व सागर तेजी को बुधवार को अदालत में पेश करेगी। गौरतलब है कि एसीबी ने 29 जुलाई को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड मांगा था।

जेल में सुविधा शुल्क प्रकरण में गिरफ्तार जेल प्रहरी, सजायाफ्ता बंदियों से अनुसंधान में कई तथ्य सामने आए। उसने पूछताछ नोट तैयार किया जा रहा है। अब तक पर्दे के पीछे रहे जेल के अंदर और बाहर के लोगों के लिप्तता के संबंध में सबूत तलाशे जा रहे है।
-मदनदान सिंह, एएसपी एसीबी स्पेशल चौकी