सुबह से ही सर्दी का असर नजर आया। सैर पर जाने वाले लोग, वाहन चालक गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। वाहनों और पेड़-पौधों पर हल्की ओस नजर आई। सूरज निकलने के बाद भी बर्फीली ठंडक बनी रही। दोपहर बाद धूप में कुछ तीखापन बढ़ा लेकिन गलन ने चैन नहीं लेने दिया। दफ्तरों और घरों में लोग धूप में बैठे रहे। शाम ढलने के साथ सर्दी ने फिर पैर पसार लिए। शहर में कई जगह लोग सडक़ों के किनारे अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाते दिखे। अधिकतम तापमान 22.0 डिग्री रहा। अजमेर भी ठंडे शहरों में तब्दील हो रहा है। कभी यहां सर्दी, गर्मी और बरसात का मौसम बेहद सुहावना होता था। ग्लोबल वार्मिंग के चलते पिछले 10-15 साल में स्थिति बदल गई है। अब शहर कड़ाके की ठंड से कंपकंपाने लगा है। साल 2017 में 13 जनवरी अजमेर का सबसे सर्द दिन रहा था। इस दिन पारा पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ता हुआ 3.0 डिग्री पर पहुंच गया था। इसके बाद बीते साल 28 दिसंबर को पारा 4 डिग्री पर पहुंचा था। इस साल 28 जनवरी को पारा नीचे लुढक़ता हुआ 5 डिग्री पर पहुंचा है।