28 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ACB Action : अजमेर डिस्कॉम का अधीक्षण अभियंता 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ठेकेदार से मांगी थी घूस

ACB Action : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार दोपहर अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवादी ठेकेदार की फर्म को जारी वर्कऑर्डर की एवज में 2 लाख की रिश्वत मांग रखी थी।
2 min read
Google source verification

रिश्वत लेते पकड़े गए एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता बाबूलाल। फोटो पत्रिका नेटवर्क

अजमेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार दोपहर अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवादी ठेकेदार की फर्म को जारी वर्कऑर्डर की एवज में 2 लाख की रिश्वत मांग रखी थी।

पुलिस अधीक्षक (एसीबी अजमेर रेंज) महावीर सिंह राणावत ने बताया कि एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी अजमेर चौकी ने सोमवार को ट्रेप कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना भाटी के नेतृत्व में ट्रेप टीम का गठन किया गया। निरीक्षक मीरा बेनीवाल व उनकी टीम ने माकड़वाली रोड पंचशील स्थित एवीवीएनएल कार्यालय में अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को 2 लाख रिश्वत में से पहली किस्त 50 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

एसीबी की टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। एसीबी की टीम आरोपी एसई बाबूलाल के जयपुर और अजमेर स्थित आवास पर सर्च करने में जुटी है। कार्रवाई से एवीवीएनएल कार्यालय में हड़कम्प मच गया। एसीबी ने आरोपी एसई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्रकरण दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

छह दिन पहले सत्यापन

एसीबी को शिकायत मिली कि एवीवीएनएल का अधीक्षण अभियंता बाबूलाल परिवादी ठेकेदार की फर्म को पूर्व में जारी किए वर्क ऑर्डर के बदले 2 लाख 10 हजार रुपए रिश्वत की मांगकर परेशान कर रहा है। शिकायत के आधार पर 11 फरवरी को एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन किया। सत्यापन में परिवादी ठेकेदार और अधीक्षण अभियंता बाबूलाल में 2 लाख रुपए रिश्वत देने पर सहमति बनी। इसमें पहली किस्त 50 हजार रुपए 16 फरवरी को देना तय हुआ।

पांच माह से कर रहा था परेशान

निरीक्षक मीरा बेनीवाल ने बताया कि एसीबी की पड़ताल में आया कि एसई बाबूलाल परिवादी ठेकेदार को नवम्बर-दिसम्बर 2025 के वर्क ऑर्डर जारी नहीं कर परेशान कर रहा था। वर्क ऑर्डर की एवज में एसई बाबूलाल लगातार अनुचित डिमांड कर रहा था।