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वर्षो पुरानी बाधा दूर होगी,गौरवपथ पर सड़क बनाने का काम शुरु

रंग लाए जिला कलक्टर के प्रयास 16 करोड़ रूपए खर्च करने की योजना पीडब्ल्यूडी को सौंपी निगरानी

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Work from JCB in MNREGA work in Jujawal.

जुजावल में मनरेगा के कार्य में जेसीबी से काम.

अजमेर. जिला कलक्टर के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गौरवपथ की अधूरी सड़क का निर्माण शुरु कर दिया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को जेसीबी व डम्पर के जरिए मिट्टी निकालने काम शुरु हो गया। यह सड़क वर्षो से अधूरी पड़ी है। जिला कलक्टर के निर्देश पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता साइट पर मौजूद रहे, ये रूट मार्गदर्शन कर रहे है। सड़क का निर्माण खसरा नम्बर 2097,2098 तथा 2099 में हो रहा है। वर्तमान परिदृष्य मेंं मंदिर के पीछे से सड़क का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में इसे शिफ्ट भी किया जा सकता है। सड़क के बीच आ रहे नालों में पाइप भी डाले जाएंगे। खातेदार को सड़क निर्माण में आ रही भूमि के बदले वैकल्पिक भूखंड दिया जा सकता है।

सड़क निर्माण प्रोजेक्ट एक नजर

शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए आनासागर सक्र्यूलर रोड वाया महावीर सर्किल,आनासागर पुलिस चौकी, रीजनल कॉलेज,वैशाली पेट्रोल पंप, बजरंगढ़ सर्किल और नौसर घाटी लिंक रोड के लिए 16.76 करोड़ की लागत से कार्य करवाए जाएंगे। आनासागर सक्र्लर रोड प्रोजेक्ट के तहत 9.8 किमी सिक्स लेन में कारपेटिंग करते हुएसड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। 6.6 किमी पर डिवाइडर लगाए जाएंगे। इसी प्रकार सड़क के दोनों ओर इंटरलोकिंग फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। रीनजल कॉलेज चौपाटी के सामने रंगीन इन्टर लोकिंग ब्लोक्स लगाकर पार्किंग विकसित की जाएगी। वर्तमान में रीजनल कॉलेज के सामने क्षतिग्रस्त उबड़-खाबड़ सड़क को तोड़कर नई सड़क तैयार की जाएगी।

वर्ष 2005-06 से चल रहा विवाद

गौरवपथ (आना सागर सर्कूलर रोड) का निर्माण वर्ष 2005-06 में शुरु हुआ। लेकिन बीच रास्ते मंदिर आ जाने के कारण निर्माण रोकना पड़ा। खातेदारों से अजमेर विकास प्राधिकरण का भूमि विवाद नहीं सुलझ सका। इस बीच इन खसरों की आवाप्ती पर न्यायालय का स्टे भी आ गया। वर्ष 2017 में तत्कालीन एडीए अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने यह विवाद हल करने और सड़क निर्माण का प्रयास किया। जययपुर के ओटीएस पर शिफ्ट किए गए मंदिर की तर्ज पर यहां भी विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया। वर्ष 2018 में मंदिर के लिए जी-मॉल के पास 200 गज जमीन देने की बात तय हुई। जबकि खातेदार को सड़क की जमीन के बदले वैकल्पिक भूखंड देने पर सहमति बनी। मंदिर समिति को रजिस्टर्ड करवाया गया। जब मंदिर के नवीन स्थल पर निर्माण शुरु हुआ तो कुछ लोगों ने स्वंय को खातेदार बताते हुए काम बंद करवा दिया। बाद में नगर निगम ने भी इसमें दखल दिया। अब सड़क निर्माण के लिए खातेदार से वार्ता कर सहमति से रास्ता निकाला जा रहा है। अभी हाल ही में अजमेर विकास प्राधिकरण ने न्यायालय में अपना पक्ष भी प्रस्तुत किया है।

कई बार हो चुकी हैं दुर्घटनाएं

गौरव पथ पर अधूरी सड़क के कारण जी मॉल के पास टै्रफिक मर्ज होने से दुर्घटनाए होती रहती है। कई बार वाहन भिड़ चुके है। बसें भी पलट चुकी है। आए दिन सड़क पर जाम की स्थिति बनती है। त्यौहारों आदि की समय तो सड़क के किनारे बाजार भी खुल जाता है। यहां सड़क के किनारे नागौर को जाने वाली बसें ने अवैध रूप से बस अड्डा बना रखा है इससे भी जाम लगता है।

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