UP Crime: प्रयागराज में साल 2005 में हुए राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद से सरकार ने उसके खिलाफ तेजी से कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया।
24 फरवरी 2023 को जब धूमनगंज इलाके में राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या हुई तो प्रदेश में भूचाल आ गया। प्रदेश के लोगों को अतीक के आतंक की याद आने लगी। लेकिन सत्ता इस बार चुप नहीं बैठी और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने 25 फरवरी को विधानसभा में हुंकार भरते हुए कहा था कि माफिया को मिट्टी में मिला देंगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही, उमेश पाल की हत्या के करीब 50 दिन के भीतर ही सरकार ने अतीक के साम्राज्य को तबाह कर दिया। खुद माफिया अपने भाई और बेटे के साथ मारा गया। उसका पूरा परिवार पूरी तरह से तबाह होने के साथ ही अभी या तो जेल में है या फरार है।
हत्या के 90 दिन बाद भी आरोपी फरार
उमेश पाल की हत्या को आज 90 दिन पूरे हो गए है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने चार साथियों के साथ मारा गया है। खुद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल को गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के लिए अभी भी उसके गुर्गे और इस केस में आरोपी करीब 5 लोग फरार है। कभी उनकी लोकेशन देश के किसी कोने में तो कभी उनके नेपाल के रास्ते विदेश भागने के खबर आती है। लेकिन STF और पुलिस को अब तक किसी भी तरह से कोई सफलता हाथ नहीं मिली है।
कौन हैं अतीक के वह 5 गुर्गे
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल रहे चार शूटर पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो चुके है। वहीं, कुछ लोग गिरफ्तार किए गए थे जबकि कई अभी फरार हैं। अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की बीवी जैनब फातिमा के साथ ही बमबाज गुड्डू मुस्लिम, शूटर अरमान बिहारी और साबिर STF और पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।
अतीक के घर की महिलाएं भी फरार
उमेश पाल की हत्या के बाद उसके शूटरों को पनाह देने के अपराध में पुलिस ने माफिया की बहन आयशा नूरी और दो भंजियां को आरोपी बनाया है। इनमें आयशा नूरी ने तो कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी भी दी थी लेकिन उसने सरेंडर भी नहीं किया। ये तीनों भी शाइस्ता और जैनब की तरह फरार है और पुलिस को उनकी तलाश है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा है।