Allahabad news:अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी के गेस्ट हाउस के कमरे में फांसी के फंदे पर झूलते मिले थे। जब उनका शरीर उतारा गया तो वह मृत हो चुके थे।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के मामले की बुधवार को प्रयागराज की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां सुनवाई हुई।सीबीआई की ओर से डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट को एप्लिकेशन दी गई कि घटना की सूचना देने वाले वादी अमर गिरि का पहला बयान कोर्ट में दर्ज कराया जाना है, इसलिए उन्हें तलब किया जाए। इस पर कोर्ट ने 31 मई की तारीख तय करते हुए वादी मुकदमा अमर गिरि और पवन महाराज को समन भेजने आदेश दिया है।
आइए जाने की महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या का कारण
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी के एक कमरे में फांसी के फंदे पर झूलते मिले थे। जब उनका शरीर उतारा गया तो वह मृत हो चुके थे। गेस्ट हाउस के कमरे में सुसाइड नोट मिला था।
इस नोट में नरेंद्र गिरि ने कभी परम शिष्य रहे महंत आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी पर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था। आद्या प्रसाद तिवारी बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी थे। नरेंद्र गिरि की डेथ के बाद जांच कर रही पुलिस टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद शासन ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।