
अयोध्या जंक्शन पर सरयू एक्सप्रेस में अर्धनग्न और लहूलुहान मिली थी महिला सिपाही
Ayodhya Saryu Express Case: गोंडा के मनकापुर से अयोध्या पहुंची सरयू एक्सप्रेस में अर्धनग्न लहूलुहान मिली महिला सिपाही जिंदगी और मौत से लड़ रही है। वहीं इस घटना के 3 दिन बीतने के बाद भी अधिकारी सिर्फ रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं। अब हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर रविवार देर रात मामले में सुनवाई की और अयोध्या जीआरपी समेत रेलवे के अधिकारियों को नोटिस जारी कर सोमवार दोपहर में कोर्ट में साक्ष्यों समेत तमाम सवालों के जवाब देने का आदेश दिया। इस मामले में हाईकोर्ट में दो जजों की बेंच सुनवाई करेगी।
इससे पहले इस मामले अयोध्या जीआरपी की एसपी पूजा यादव ने एक बयान जारी करते हुए बताया था कि सरयू एक्सप्रेस में अर्धनग्न लहूलुहान मिली महिला सिपाही की मेडिकल रिपोर्ट में गैंगरेप या रेप की पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले महिला सिपाही इस ट्रेन में सवार थीं। उनकी तैनाती सुल्तानपुर में थी लेकिन अयोध्या के सावन मेले में उनकी ड्यूटी लगी थी। इस यात्रा के दौरान महिला सिपाही के साथ हैवानियत को अंजाम दिया गया। सुल्तानपुर से ट्रेन में सवार होने के बाद महिला सिपाही मनकापुर पहुंची और मनकापुर से फिर अयोध्या रेलवे स्टेशन पहुंची। जहां वह अर्धनग्न लहूलुहान और बेहोशी की हालत में सीट के नीचे पाई गई थी।
उत्तर प्रदेश के इस संगीन मामले में पुलिस ने अभी तक कुछ खास जानकारी नहीं दी है। हालांकि जीआरपी एसपी पूजा यादव ने इतना जरूर बताया है कि महिला सिपाही के साथ गैंगरेप या रेप की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद तमाम सवाल ऐसे हैं। जिनके जवाब देने बाकी हैं। अब हाईकोर्ट ने अधिकारियों को तलब कर लिया है। ऐसे में अधिकारियों को इन सवालों के जवाब देने होंगे।
इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच ने रविवार की आधी रात सुनवाई की। हाईकोर्ट के वकील राम कुमार कौशिक ने भी इस मामले में चीफ जस्टिस को एक लेटर देकर उनसे इसे जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार किए जाने का अनुरोध किया था। महिला सिपाही के साथ तीन दिन पहले ट्रेन में हैवानियत की घटना हुई थी। सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में पीड़ित महिला सिपाही सवार थी और खून से लथपथ अर्धनग्न अवस्था में पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं। केजीएमसी में फिलहाल वह जिंदगी की जंग लड़ रही है।
सुलग रहे ये सवाल
1. ट्रेन में महिला सिपाही के साथ आखिर क्या हुआ?
2. उसके साथ इतनी मारपीट और दरिंदगी का क्या कारण है?
3. वारदात कब और कहां हुई?
4. अगर मामला सिर्फ अदावत या मारपीट का है तो उसकी पैंट क्यों गायब की गई?
5. महिला सिपाही को अर्धनग्न हालत में लहूलुहान करने के बाद बर्थ के नीचे क्यों डाला गया?
6. ट्रेन में सबसे पहले उसे इस हाल में किसने देखा?
7. अयोध्या जीआरपी ने उसका मेडिकल अयोध्या में क्यों नहीं कराया?
8. सुल्तानपुर से महिला सिपाही के संपर्क में कौन-कौन था?
9. आखिरी बार उसकी बातचीत किससे हुई थी?
10. मोबाइल किस कंडीशन में मिला? फिलहाल इन सवालों के जवाब देने से पुलिस और रेलवे अधिकारी अभी तक बच रहे थे। वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया और पूछा कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी हुई या नहीं? आज 12 बजे दो जजों की बेंच केस की सुनवाई करेगी।
Updated on:
04 Sept 2023 01:03 pm
Published on:
04 Sept 2023 01:02 pm

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