Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज में नाले के पानी की जांच में पोलियो का वायरस मिला है। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। यह जांच रैंडम आधार पर डब्ल्यू एच ओ की ओर से कराई गई थी और पुराने शहर के गऊघाट इलाके से नाले के पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था।
प्रयागराज में नाले के गंदे पानी की जांच में पोलियो का वायरस मिला है। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। यह जांच रैंडम आधार पर डब्ल्यू एच ओ की ओर से कराई गई थी। और पुराने शहर के गऊघाट इलाके से नाले के पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। जांच में आई रिपोर्ट चौंकाने वाली है। बताया जाता है कि रिपोर्ट में पोलियो का म्यूटेंट-6 वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों की माने तो यह वायरस खतरनाक नहीं होता है और इसका शरीर पर कोई असर नहीं पड़ता है। डबल्यू एच ओ की तरफ से हर महीने इस तरह की रैंडड सैंपलिंग कर जांच कराई जाती है।
म्यूटेंट - 6 वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है। 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों पर इसका असर होता है। इसके मद्देनजर पोलियो टीकाकरण अभियान को और तेजी से चलाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि वायरस भले ही शरीर पर प्रभाव न डाल पाएगा लेकिन इसकी मौजूदगी खतरनाक साबित हो सकती है। इसको लेकर डॉक्टरों को सचेत किया गया है। रविवार से पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। यह छह दिनों तक चलेगा। सार्वजनिक स्थानों से लेकर घर-घर जाकर 05 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी।
डबल्यू एच ओ के डॉक्टर आलोक कुमार का कहना है की यह वैक्सीन वायरस है जो पोलियो की खुराक में मिला होता है। इसे म्यूटेंट कहना गलत है। इससे बच्चों को कोई खतरा नहीं है। फिलहाल सतर्कता बरती जा रही है।