उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र में एक द्विवेदी परिवार की बेटी की तीन दिन बाद सगाई थी सगाई के लिए लहंगे, होटल आदि की बुकिंग हो गई थी. लहंगे में युवती सगाई तो नहीं हो पाई लेकिन उसी लहंगे में अर्थी उठ गई जानिए पूरा मामला
Prayagraj News: प्रयागराज के यमुनानगर इलाके के मांडा थाना क्षेत्र की रहने वाली द्विवेदी परिवार की बेटी गरिमा द्विवेदी की शादी मेजा थाना क्षेत्र के खानपुर गांव में तय हुई थी 20 अक्टूबर को उसकी सगाई होनी थी परिजन रिंग सेरेमनी की तैयारी में लगे थे सगाई के लिए होटल आज की बुकिंग हो चुकी थी घर में हर तरफ खुशी का माहौल था खरीददारी का दौर चल रहा था।
तभी दो दिन पहले गरिमा को बुखार होने पर प्रयागराज के बेली अस्पताल में भर्ती कराया जहां जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई सुधार न होने पर डॉक्टरों ने पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया बीती रात गरिमा की मौत हो गई मौत के बाद जब गरिमा का शव एंबुलेंस से घर पहुंचा तो गरिमा के पिता देवदास मां प्रमिला देवी बेहोश हो गए भाई सत्यम बहन श्रद्धा चाचा कमल आदि रोते-रोते बेहोश होकर गिर पड़े।
मृतका गरिमा के पिता देवदास द्विवेदी ने बताया की बेटी का सपना था कि वह एलएलबी की डिग्री के बाद ही शादी करेगी उसने एलएलबी की डिग्री तो हासिल कर ली लेकिन शादी के सपने हासिल नहीं कर पाए डेंगू ने उसके सपने छीन लिए।
गरिमा की सगाई के लिए खरीदे गए लहंगे से उसे अंतिम विदाई दी गई वहां हर कोई मौजूद शख्स फफक फफक कर रो पड़ा,पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा।