
UP assembly elections 2022: तालाब में क्यों पालते थे राजा भैया मगरमच्छ, जाने कंकाल से जुड़ी पूरी कहानी
प्रयागराज: यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों में शोर मचा है। वहीं यूपी चुनाव में कुंडा विधानसभा सीट पर सबकी नजरें भी टिकी है। कुंडा सीट पर राजा भैया और समाजवादी पार्टी से गुलशन यादव उम्मीदवार है। दो दबंगों की लड़ाई में अब जीत हार का फैसला 10 मार्च को होगा। आइये जानते हैं राजा भैया के घर में बने तालाब और मगरमच्छ की कहानी।
मगरमच्छ पालने के सवालों पर यह दिया जवाब
मगरमच्छ पालने के सवालों पर राजा भैया ने कहा कि यह सवाल हर कोई पूछता है। लेकिन सच बात यह है कि कोठी के बगल गंगा बहती है और तालाब से जुड़ा है। ऐसे में कभी-कभी मगरमच्छ भी आ जाते थे। राजा भैया ने कहा कि जो भी मछली पकड़ने से जुड़ा है, वह मगरमच्छों को क्यों पालेगा। इसके अलावा यहां एक गांव और एक तालाब है। किसी भी जीव का प्रवेश वर्जित नहीं है। दरअसल पास में ही गंगा बहती है। गंगा में मगरमच्छों की एक बहुत ही लोकप्रिय प्रजाति है। कभी-कभी वो आते हैं तो कुछ कर नहीं पाते। लेकिन यह वास्तव में "घड़ियाल" है, मगरमच्छ नहीं।
कंकाल की कहानी है झूठी
मीडिया के सवालों पर जवाब देते हुए राजा भैया ने कहा कि मानव कंकाल की बात एक झूठी कहानी है। तालाब में कोई भी कंकाल नहीं मिला है। गांव में एक ही तालाब है और गंगा से सटा हुआ है। गांव में गरीब लोग हैं जिनके पास अंतिम संस्कार करने के लिए लकड़ी खरीदने के पैसे नहीं होते हैं। गंगा घाट होने की वजह से किसी मनाही नहीं है इसीलिए अंतिम संस्कार होने की वजह से अस्थियों की हड्डी मिल ही जाती है। उस समय जो वर्तमान में सरकार थी उसने सिर्फ बदनाम करने के लिए साजिश रची थी।
राजा भैया के नाम पर सिर्फ बनते हैं किस्से
राजा भैया ने कहा कि कभी भी कोई भी व्यक्ति अगर गायब हो जाता है तो उसे राजा भैया के नाम से जोड़ देते थे। यह सब बातें सिर्फ और सिर्फ कहानी है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। राजा भैया ने कहा गांव से कोई भी गायब नहीं हुआ है। ये सब मनगढ़ंत कहानी बताई जाती थी। राजा के नाम को सिर्फ और सिर्फ बदनाम किया जाता था।
Published on:
20 Feb 2022 11:09 pm

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