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जगन्नाथ महोत्सव में पहुंचेगें कई राज्यों के व्यापारी, मनोरंजन सहित खान-पान की रहेगी व्यवस्था

प्रशासन की आधी अधूरी व्यवस्था के बीच व्यापारी पहुंचे अलवर, सजने लगा अस्थाई बाजार

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अलवर

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Prem Pathak

Jul 18, 2018

सजने लगा अस्थाई बाजार

जगन्नाथ महोत्सव में पहुंचेगें कई राज्यों के व्यापारी, मनोरंजन सहित खान-पान की रहेगी व्यवस्था

अलवर. भगवान जगन्नाथ की आगामी 21 जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा के लिए अभी मार्ग पूरी तरह तैयार नहीं हो सका, वहीं रूपवास स्थित मेला स्थल पर भी व्यवस्थाएं माकूल नहीं दिखाई दी। रथयात्रा पुराना कटला स्थित जगन्नाथ मंदिर से रवाना होकर रूपबास स्थित मेला स्थल पर पहुंचेगी। यहां पांच दिन तक मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला आयोजन में कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन मेला स्थल पर तैयारियां अभी आधी अधूरी ही दिखाई पड़ती हैं। ऐसे में मेले के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
मेले में प्रतिवर्ष उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के दुकानदार दुकानें लगाने के लिए आते हैं। इसी के साथ ही देश भर से श्रद्धालु भी यहां दर्शनों के लिए आते हैं। मेला नजदीक होने के कारण यहां पर दुकानों का लगना शुरू हो गया है। मेले के लिए दुकानदारों के पहुंचने के बाद भी यहां अब तक न तो यहां पीने के लिए पानी का इंतजाम हो पाया है और न ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय आदि की व्यवस्था हो पाई है।

मिठाई, खजले की होने लगी बिक्री

मेला स्थल पर यूपी से आए मिष्ठान विक्रेताओं ने दुकानें लगा ली है। मेले की सबसे प्रसिद्ध मिठाई खजले की बिक्री भी होने लगी है। दुकानदार संतोष ने बताया कि मेले से पहले ही यहां आ जाते हैं और मेला खत्म होने के बाद ही लौटते हैं। यहां करीब एक दर्जन से ज्यादा खजले की दुकानें हैं। इस बार मीठे खजले के अलावा नमकीन खजले भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर साल खजले की जबरदस्त बिक्री होती हैं। इसीलिए यहां आते हैं। इस बार खजले 120 रुपए किलो से लेकर 160 किलो तक बिक रहे हैं।

बड़े झूले व अन्य मंनोरजन व खान-पान की लगेगी स्टॉल

अलवर में लगने वाले जगन्नाथ विवाह महोत्सव मेले में पहुंचने वाले लोगों के लिए मेला स्थल पर खान-पान सहित मनोरंजन की अनेकों दूकाने सजेगी। इस कार्य के लिए नगर परिषद की ओर से नियुक्त ठेकेदार द्वारा दुकानों व थडी लगाने के लिए जगह दी जाएगी। हालांकि मेले में पिछले कई साल से बड़े झूले नहीं लगे है। लेकिन इस बार बड़े झूलों का आनंद शहरवासी उठा सकेगें। मेले स्थल पर आधुनिक यंत्र से चलने वाला झूला लगना शुरू हो गया है।