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Alwar News: अलवर के पर्यटन को लगेंगे पंख, जयपुर रोड पर 93 हेक्टेयर में बनेंगे क्राफ्ट बाजार व होटल-रिसॉर्ट

अलवर में पर्यटन की संभावनाएं अपार हैं। वन आच्छादित पहाड़ियों-घाटियों, झीलों के साथ ही टाइगर एवं अन्य वन्य जीवों से परिपूर्ण जंगल, ऐतिहासिक महत्व की अनेक धरोहर पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं।

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अलवर

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Rakesh Mishra

Feb 05, 2025

Alwar News

अलवर के पर्यटन को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत जयपुर मार्ग पर साप्ताहिक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है। मास्टर प्लान 2051 में इसका प्रावधान किया है। इस केंद्र में क्राफ्ट बाजार से लेकर होटल, रिसॉर्ट व सरकारी कार्यालय स्थापित हो सकेंगे। इससे हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।/

द्रुतगामी रेल सेवा से बढ़ेंगे अवसर

अलवर में पर्यटन की संभावनाएं अपार हैं। वन आच्छादित पहाड़ियों-घाटियों, झीलों के साथ ही टाइगर एवं अन्य वन्य जीवों से परिपूर्ण जंगल, ऐतिहासिक महत्व की अनेक धरोहर पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं। भविष्य में द्रुतगामी रेल सेवा की संभावनाएं यहां पर हैं। इसके चलते एक सप्ताहिक पर्यटन केन्द्र बनाया जाना जरूरी है। इसके लिए जयपुर रोड पर दक्षिण में भू-उपयोग योजना में 93 हेक्टेयर एरिया आरक्षित किया गया है।

पर्यटन के लिए सड़कों का बेहतर होना जरूरी

साप्ताहिक पर्यटन केंद्र की नींव रखने से पहले पर्यटकों के लिए अच्छी सड़कें भी जरूरी हैं। अलवर के समीप सरिस्का टाइगर रिजर्व, तालवृक्ष, नटनी का बारां, भर्तृहरि, नीलकण्ठ आदि स्थलों की विकास योजनाएं भी बनाई जाएंगी। अलवर व दिल्ली से पर्यटकों के लिए भ्रमण को बसों की विशेष सुविधाएं होना जरूरी है।

ये होंगी सुविधाएं

इस साप्ताहिक पर्यटन केंद्र में रिसॉर्ट, मोटल, होटल, कैम्पिंग ग्राउंड, जन सुविधाएं, क्राफ्ट बाजार, बैंक, पोस्ट ऑफिस, पर्यटन कार्यालय, पर्यटन यातायात सुविधाएं आदि विकसित की जाएंगी। करीब दो हजार से ज्यादा दुकानों का यहां निर्माण होने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और लोग सातों दिन यहां पर सुविधाएं पा सकेंगे।

योजना अच्छी, समय पर पालना जरूरी
साप्ताहिक पर्यटन केंद्र बनने से शहर में भीड़ कम होगी। नया बाजार वहां विकसित होने से लाभ मिलेगा। रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रशासन व संबंधित विभागों को ऐसी योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा, तभी लाभ मिलेगा, अन्यथा जमीन का भू-उपयोग भी बदल सकता है। दूसरे प्रोजेक्ट में जमीन चली जाती है।
प्रमोद शर्मा, सेवानिवृत्त एक्सईएन, यूआईटी

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