
अलवर. अगर आप जिला अस्पताल अपने परिचित से मिलने जा रहे हैं तो रात का शेड्यूल न रखें। अगर आप रात को मिलने गए तो पार्किंग के लिए जेब खाली करनी पड़ेगी। आपको रात के वक्त दुगुना पार्किंग शुल्क देना पड़ेगा। यह छूट खुद अस्पताल प्रशासन ने पार्किंग ठेकेदार को देख रखी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब चिकित्सा परामर्श, जांच और दवा पूरी तरह निशुल्क हैं तो पार्किंग के नाम पर मरीजों को क्यों लूटा जा रहा है?
दरअसल, अस्पताल की पार्किंग में साइकिल का 10, मोटइसाइकिल का 20 और कार का 30 रुपए पार्किंग शुल्क है। यह दरें शाम 5 बजे तक की हैं। इसके बाद स्वत: ही पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाता है। ठेकेदार की ओर से दी जाने वाली पर्ची में साफ लिखा हुआ है कि रात्रि चार्ज दुगुना होगा। ऐसे में रात के वक्त अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को यह शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
आए दिन होता है विवाद
पार्किंग शुल्क को लेकर मनमानी वसूली और विवाद की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला शनिवार रात शिशु अस्पताल की पार्किंग का है। जानकारी के अनुसार काला कुआं निवासी बैंक मैनेजर अमित कुमार अपने बच्चे को दिखाने के लिए रात करीब पौने 8 बजे अस्पताल पहुंचे। यहां पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद इलाज के बाद करीब साढ़े 8 बजे लौटे, तो पार्किंग कर्मचारी ने उनसे 60 रुपए शुल्क मांगा। इस पर आपत्ति जताने पर कर्मचारी ने रात के समय पार्किंग दर दोगुनी होने की बात कही। इतना ही नहीं, गाड़ी सीज कराने के लिए पुलिस बुलाने की धमकी भी दी गई। विवाद बढ़ता देख अमित कुमार ने 60 रुपए देकर मामला शांत किया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में पार्किंग कर्मियों की मनमानी और दबंगई लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे आमजन में रोष व्याप्त है।
Published on:
22 Mar 2026 10:57 am
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