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सड़क बनी मुसीबत: डेढ़ फीट पानी से 30 गांवों का संपर्क टूटा, हादसों का खतरा बढ़ा

अलवर शहर के एमआइए क्षेत्र स्थित गूंदपुर गांव में 30 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है।

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सरकारी स्कूल के दानों ओर भरा पानी (फोटो - पत्रिका)

अलवर शहर के एमआइए क्षेत्र स्थित गूंदपुर गांव में 30 गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर करीब डेढ़ फीट तक पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि स्कूली बच्चों से लेकर मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों तक सभी को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क पर बना तालाब

ग्रामीणों के अनुसार, दिसंबर माह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बनी नालियों और सड़क के हिस्से को तोड़ दिया गया था। कार्रवाई के बाद न तो नालियों का पुनर्निर्माण किया गया और न ही सड़क को ठीक कराया गया। नतीजतन पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई, जिससे बारिश और गंदा पानी सड़क पर जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बना रहा है।

बच्चे, कर्मचारी सभी परेशान

इस सड़क के पास ही एक सरकारी स्कूल स्थित है, जहां पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी गंदे और भरे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे बेहद चिंतित हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें इसी रास्ते से स्कूल भेजना पड़ रहा है। वहीं, कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर भी इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता

सड़क पर जमा पानी के कारण फिसलन इतनी बढ़ गई है कि आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। खासतौर पर सुबह और शाम के समय काम पर जाने वाले मजदूरों को सबसे ज्यादा जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि गंदे पानी में गिरने से एक नवजात की मौत तक हो चुकी है, जिससे इलाके में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और नालियों का निर्माण नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत संज्ञान लेकर इस गंभीर समस्या का समाधान करे, ताकि आवागमन सुचारू हो सके और हादसों पर रोक लगाई जा सके।

पानी भराव के कारण कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है। कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है - खेमचंद चौधरी

“अतिक्रमण हटाने के दौरान नाली क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक-दो दिन में सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा, इसके बाद आगे का कार्य कराया जाएगा।” - अल्का व्यास, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, अलवर