13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलवर, नीमराणा व भिवाड़ी के 37 औद्योगिक जोन में चलेंगी ई-बसें, कॉरिडोर भी बनेंगे

उद्योगों को पंख लगाने के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। अलवर, नीमराणा व भिवाड़ी के 37 औद्योगिक जोन में ई-बसों के संचालन से लेकर कॉरिडोर बनाए जाएंगे। डॉमेस्टिक कचरा संग्रहण के लिए ऑटो टिपर चलाने की योजना है।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Anil Prajapat

May 13, 2026

E-Bus Corridor

Photo: AI-generated

अलवर। उद्योगों को पंख लगाने के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। अलवर, नीमराणा व भिवाड़ी के 37 औद्योगिक जोन में ई-बसों के संचालन से लेकर कॉरिडोर बनाए जाएंगे। डॉमेस्टिक कचरा संग्रहण के लिए ऑटो टिपर चलाने की योजना है। ये सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव व मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के मध्य बैठक हुई, जिसमें तमाम सुविधाओं पर सहमति बनी है। एमआइए अलवर में 11 औद्योगिक जोन है। यहां 1150 उद्योग संचालित है।

इस औद्योगिक एरिया में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए डॉमेस्टिक कचरा संग्रहण के लिए ऑटो टिपर चलाने की योजना है। यह अलवर शहर के ऑटो टिपर से अलग होंगे। इसी तरह सड़कों की धूल साफ करने के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई जाएंगी, जो करीब 65 किमी एरिया की सड़कें साफ करेंगी।

वाटर कैनन मशीन भी यहां मुहैया कराई जाएगी। मत्स्य उद्योग संघ अध्यक्ष मनोज गुप्ता कहते है कि इन सुविधाओं के जरिए उद्योगों को पंख लग सकेंगे। कहते हैं कि इंडस्ट्री में पानी का प्रेशर कम हुआ है। ऐसे में दो से तीन टंकियां बनाने की जरूरत है।

नीमराणा को मिलेंगे कॉरिडोर

नीमराणा में 13 औद्योगिक जोन है। यहां 550 से अधिक उद्योग हैं। यहां उद्यमियों की मांग रही है कि नीमराणा से काठ्वास तक ट्रांसपोर्टेशन के लिए 200 फीट का कॉरिडोर बनाया जाए। नीमराणा से भिवाड़ी को जोड़ा जाए ताकि उद्योगों का माल इधर-उधर जा सके। यहां के लिए भी कॉरिडोर की जरूरत महसूस की गई। ऊंची इंडस्ट्रीज में आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक फायर टेंडर मशीन चाहिए। इस पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

आगजनी के दौरान एनडीआरएफ टीम जयपुर से बुलानी पड़ती है। ऐसे में इस एरिया में एसडीआरएफ प्लाटून की तैनाती होनी चाहिए। तमाम अन्य मांग भी उठाई गई, जिसमें बेसिक जरूरतों को पहले चरण में पूरा किया जाएगा। नीमराणा उद्योग संघ अध्यक्ष कृष्ण गोपाल कौशिक कहते हैं कि उन्होंने सीएम से लेकर मुख्य सचिव के साथ बैठक करके इन मांगों को पूरा करने के लिए कहा था। सुविधाएं बढ़ने से यह एरिया और आगे बढ़ेगा।

भिवाड़ी के 7 हजार उद्योगों को मिलेगा लाभ

भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 13 जोन आते हैं। कुल 7 हजार उद्योग हैं। इस एरिया के लिए 50 ई-बसें चलाने की योजना है। बसों के जरिए औद्योगिक एरिया व श्रमिकों से लेकर आमजन भी शहर में आ-जा सकेंगे। साथ ही एसटीपी बनने से पानी ट्रीट हो सकेगा, जो उद्योगों में काम आएगा। ऐसे में पानी की कमी दूर हो सकेगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से भिवाडी की कनेक्टिविटी जरूरी है। ऐसे में बायपास बनाने की भी योजना है। भिवाड़ी औद्योगिक संघ अध्यक्ष प्रवीण लांबा कहते हैं कि यह जरूरतें पूरी होते ही औद्योगिक एरिया का विकास होगा।