
मेवात का नाम सुनते ही दिलो-दिमाग में साइबर ठगी और गो तस्करी जैसे अपराध घूमने लगते हैं। सच भी है, पिछले कुछ सालों में मेवात इन्हीं दो अपराधों के कारण देशभर में कुख्यात हुआ है।
यहां के युवक जहां एक ओर साइबर ठगी में लिप्त होकर अलवर और मेवात को बदनाम कर रहे हैं, वहीं यहां की बेटियां शिक्षा से जुड़ कर सामाजिक बदलाव लाने में जुटी हैं। किशनगढबास, तिजारा, रामगढ़, लक्ष्मणगढ़ आदि ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मेव समाज के लोग बहुत अधिक संख्या में हैं।
एक समय था, जब यहां बालिका शिक्षा का स्तर नगण्य था। अब वक्त बदल रहा है। मेवात की आठ हजार से ज्यादा बालिकाएं स्कूल व कॉलेज की शिक्षा ले रही हैं। यहां की 18 बेटियां यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। इसके अलावा 64 बालिकाएं बीएड, 8 बालिकाएं एलएलबी, 10 बालिकाएं नर्सिंग और बीए तथा 240 बालिकाएं बीए-एमए में पढ़ रही हैं।
मेवात की बालिका शबनम तो बिजली निगम खैरथल में इंजीनियर के पद पर पहुंच चुकी है। रायबका के आस मौहम्मद की पोती नजराना, फातिमा और शहनाज एलएलबी कर रही हैं।
अफसारी, फरजाना, सानिया व सोफिया का कहना है कि हम तीनों यूपीएससी की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। हमारे समाज की कुछ बालिकाएं तो ऐसी हैं, जिनके पास पढ़ाई की फीस भरने का पैसा नहीं है। ऐसे में ये बालिकाएं खेतों में प्याज तोड़ने, सिलाई और मजदूरी करके फीस का इंतजाम कर रही हैं।
अल्पसंख्यक अधिकारी सीमा कुमारी ने बताया कि अलवर में अल्पसंख्यक विभाग की ओर से संचालित बालिका छात्रावासों में मेवात की करीब 300 बालिकाएं पढ़ाई कर रही हैं। सूर्यनगर में संचालित बालिका छात्रावास मेें 138 बालिकाएं रहकर शिक्षा ले रही हैं। ये बालिकाएं 9वीं कक्षा से लेकर एमए स्तर की परीक्षा के अलावा यूपीएससी, आरपीएससी, बीएड, सहित अन्य कोर्स कर रही हैं। खैरथल बालिका छात्रावास में 29, लक्ष्मणगढ़ में 50, किशनगढ़ में 45 व तिजारा में मेवात की 37 बालिकाएं शिक्षा ले रही हैं।
पहले मेवात में बेटियों को पढ़ाना गलत समझा जाता था। इनकी शिक्षा पर किसी का ध्यान नहीं था। जब बेटियों ने पढ़ने की ठानी तो आर्थिक तंगी ने कदम रोक दिए। ऐसे में इन बेटियों के सहयोग के लिए अलवर मेवात शिक्षा एवं विकास संस्था आगे आई। यह संस्था पिछले एक दशक से बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ रही है।
खास तौर से पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाली बालिकाओं को स्कूल-कॉलेज की दहलीज तक पहुंचाने में यह संस्था कई ड्रॉप आउट बालिकाओं की मददगार बनी। इसी प्रकार अजीज प्रेमजी फाउंडेशन बेंगलुरु मेवात के तिजारा क्षेत्र के 50 गांवों में किशोरी बालिका की शिक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए काम कर रहा है। संस्था की ओर से मेवात की 561 बालिकाओं को शिक्षा के लिए करीब 30 हजार रुपए प्रति बालिका के हिसाब से आर्थिक मदद दी जा रही है। यह मदद शिक्षा पूरी होने तक दी जाएगी। इनका पंजीयन हो चुका है।
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Published on:
09 Dec 2024 12:25 pm

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