
अलवर. विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या-1 के न्यायाधीश जगेन्द्र अग्रवाल ने पांच वर्षीय मासूम के साथ बलात्कार का प्रयास करने के मामले में 30 वर्षीय युवक को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि एक महिला ने 26 नवंबर, 2025 को शहर के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश की और अपराधी को यह सजा मिली है।
रिपोर्ट में बताया गया था कि वह शहर में कई साल से किराए पर रह रही है। 25 नवंबर को शाम के समय मकान के दूसरे हिस्से में में रहने वाली किराएदार महिला के कमरे पर संजय नाम का एक युवक आया। जो अक्सर उसके पास आया करता था। घटना के दौरान किराएदार महिला अपने कमरे पर नहीं थी। इस बीच आरोपी युवक उसकी 5 साल की बेटी को खरगोश दिखाने के बहाने किराएदार महिला के कमरे में ले गया। वहां आरोपी ने लाइट बंद कर उसकी मासूम बेटी के साथ बलात्कार का प्रयास किया। इस दौरान उसकी बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर आ गए और आरोपी संजय को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। मामले में जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।
8 गवाह और 15 दस्तावेजी साक्ष्य किए पेश
इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 8 गवाह और 15 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए। जिनके आधार पर आरोपी पर दोषसिद्ध होने पर उसे सजा सुनाई गई है। गवाहों और पेश साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया। इस फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि बलात्कार के मामलों में कमी आएगी। पुलिस की तत्परता की वजह से भी न्यायालय को फैसला लेने में ज्यादा देर नहीं लगी। फैसले से अपराधियों के बीच कड़ा संदेश दिया गया है ताकि वे ऐसा कृत्य नहीं करें।
Published on:
16 Apr 2026 11:12 am
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