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गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हैं हवा

पहन रहे हैं सूती वस्त्र, पी रहे लस्सी और ठंडाई अलवर. जून माह में गर्मी का असर अधिक नजर आ रहा है। इसके चलते इंसान के साथ साथ साथ भगवान भी गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। मंदिरों में पुजारियों ने भगवान को गर्मी से बचाने के लिए खानपान व पहनावे में बदलाव किया है।

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अलवर

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Jyoti Sharma

Jun 05, 2023

गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हैं हवा

गर्मी में बदली भगवान की दिनचर्या, एसी और कूलर की खा रहे हैं हवा

मंदिरों में भगवान की प्रतिमाओं को ठंडी पेय पदार्थ पिलाए जा रहे हैँ और गर्मी से बचाव के लिए सूती कपडे़ की पौशाक पहनाई जा रही है।

पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित देवेंद्र शर्मा ने बताया कि गर्मी में भगवान के खानपान का मीनू पूरी तरह से बदल गया हैं। नाश्ते में भगवान को ठंडे पेय पदार्थ दिए जा रहे हैं। भगवान को गर्मी से बचाव के लिए कूलर व पंखे लगाए गए हैं।वेंकटेश बालाजी धाम मंदिर के महंत स्वामी सुदर्शनाचार्य ने बताया कि मंदिर में विराजमान भगवान को गर्मी ना लगे इसके लिए भगवान को सूती वस्त्र पहनाए गए हैं। जिस तरह से मनुष्य को गर्मी लगती है उसी तरह से भगवान को भी गर्मी लगती है। इसलिए मंदिर में भगवान की प्रतिमाओं के पास कुलर लगाए गए हैं ताकि उन्हें ठंडी हवा मिल सके।

महल चौक में वनरूप बिहारी को सत्तु, शर्बत , घाट की राबडी का भोग लगाया जाता है। मंदिर के पुजारी गजेंद्र शर्मा कटोरी वाला ने बताया कि बाल भोग में शुरू में मक्खन व छाछ, राजभोग में ऋतु फल तरबूज व खरबूज के साथ आम का भोग लगाया जाता है। गर्मी में भोग के दौरान हल्का भोजन दिया जाता है। भगवान गर्मी में जल्दी उठते हैँ और देर तक सोते हैं। इसलिए पूजा अर्चना का समय भी बदल गया है। डाकघर हनुमान मंदिर में रामदरबार मंदिर में भी भगवान को सूती वस्त्र पहनाए गए हैं और पंखा भी लगाया हुआ है।