
तालवृक्ष रेंज के वनकर्मी
नारायणपुर (अलवर). सरिस्का बाघ परियोजना में अप्रेल में माउंट आबू से लाए गए भालू को जंगल रास नहीं आ रहा है। वह आबादी में घुसने लगा है। गुरुवार शाम सात बजे बाद सरिस्का बाघ परियोजना का भालू नारायणपुर पीर बाबा के पास नालों में आ पहुंचा और यह दिन में ठेकला की ढाणी के पास मढ़ा वाली ढाणी में उमराव लाल गुर्जर के मकान में बनी बुखारी में घुस गया और दिनभर वहीं बैठा रहा। इस वनकर्मियों का दिल धडक़ता रहा।
तालवृक्ष रेंज के वनकर्मी एवं घाटा चौकी के कर्मचारी दिनभर उसकी निगरानी में बैठे रहे, लेकिन मकान की बुखारी से बाहर नहीं निकला। रात करीब आठ बजे उमराव गुर्जर के मकान की बुखारी से निकला और वह नारायणपुर की ओर मूवमेंट करने लगा। जिससे वन कर्मचारियों के पसीने छूट गए। भालू आबादी की ओर नहीं जाए, इसके लिए उसके आगे गाड़ी लगाई, लेकिन अभी भालू वनकर्मियों की पकड़ से दूर है।तालवृक्ष क्षेत्रीय वन अधिकारी दलीप कुमार ने बताया कि टीम को लेकर दिनभर मॉनिटरिंग पर तैनात रहे। भालू का नारायणपुर की ओर रुख को बदलने का टीम प्रयास कर रही है और भालू के पीछे लगी हुई है। वनकर्मियों की टीम को दिनभर से भारी मशक्कत करनी पड़ी।
Published on:
04 May 2023 11:30 pm

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