अलवर

‘सिलीसेढ़ झील का पानी नहीं ले जाने देंगे अलवर’… होने लगा विरोध, बढ़ेगी सरकार की मुश्किल?

अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र झील सिलीसेढ़ का पानी अलवर ले जाने की कवायद भाजपा शुरू करने वाली है, लेकिन उससे पहले ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं।

less than 1 minute read
May 19, 2025
देर रात बैठक करते ग्रामीण

अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र झील सिलीसेढ़ का पानी अलवर ले जाने की कवायद भाजपा शुरू करने वाली है, लेकिन उससे पहले ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। देर रात सिलीसेढ़ तिराहे के पास क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता ग्राम पंचायत उमरैण के सरपंच भवेंद्र पटेल ने की।

बैठक में ढहलावास सरपंच प्रतिनिधि रामसिंह गुर्जर, स्वराज गुर्जर, राजेश गुर्जर, धामीराम गुर्जर, छुट्टनलाल, पंचायत समिति उमरैण क्षेत्र के निहालसिंह गुर्जर, देवीसिंह, रामजीलाल बैंसला, राजेशकुमार गुर्जर, प्रेमसिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे। सभी ने झील से पानी ले जाने का विरोध जताया।


निहालसिंह गुर्जर ने बताया कि राजा-महाराजाओं ने यहां बारिश के पानी को इकट्ठा कर पर्यटन स्थल तथा झील का निर्माण किसान हितों के लिए कराया था। इससे किसानों की जमीन की सिंचाई होती है, जिससे फसल उत्पन्न होती है। ऐसे में झील का पानी अलवर चला जाएगा तो यह सूख कर पूरी तरीके से नाकारा हो जाएगी। किसान बर्बाद हो जाएंगे। इसलिए ऐसी स्थिति नहीं आने देंगे। भाजपा सरकार को किसी भी सूरत में इस झील का पानी अलवर नहीं ले जाने देंगे।

सिलीसेढ़ पर्यटन स्थल भी

सरपंच शिवराज गुर्जर, रामसिंह, भविंद्र पटेल ने बताया कि पहाड़ों का पानी इस झील में इकट्ठा होता है, जिससे हजारों किसानों का जीवन यापन होता हैं। यह पर्यटन स्थल भी है, जिससे सरकार को अतिरिक्त आय है। यहां पर उस समय के महल व अन्य पर्यटन स्थल है। यहां पर बोरिंग भी नहीं करने देंगे। यह इस क्षेत्र के सभी लोगों का निर्णय है। गौरतलब है कि सोमवार को मुयमंत्री भजनलाल शर्मा सहित केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव, वन मंत्री संजय शर्मा की मुश्किलें किसानों की इस घोषणा से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

यह भी पढ़ें:
टाइगर को ही नहीं नहीं, इन जानवरों को भी खूब भा रहा है सरिस्का…

Published on:
19 May 2025 12:25 pm
Also Read
View All

अगली खबर