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राजस्थान में राजपूत समाज का बड़ा एलान: पंचायत चुनावों में EWS आरक्षण लागू करने की मांग, राजनीतिक दलों की बढ़ी टेंशन

आगामी पंचायतराज और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले खेड़ली में हुए पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम में EWS आरक्षण को मुख्य चुनावी मुद्दा घोषित किया गया। शक्ति सिंह बांदीकुई ने EWS को 20 प्रतिशत करने और पंचायत चुनावों में लागू करने की मांग उठाई।
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अलवर

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Arvind Rao

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Updated: 2 Feb 2026, 8:02 AM IST

Panchayat Raj Election

राजस्थान में राजपूत समाज का बड़ा एलान (फोटो सोशल मीडिया)

अलवर (खेड़ली): राजस्थान के आगामी पंचायतराज एवं स्थानीय निकाय चुनावों से पहले क्षत्रिय समाज ने अपनी ताकत दिखाते हुए 'EWS आरक्षण' को मुख्य चुनावी मुद्दा घोषित कर दिया है। खेड़ली में आयोजित "पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम" में हजारों की भीड़ के बीच शक्ति सिंह बांदीकुई ने स्पष्ट किया कि अब राजनीतिक दलों को EWS आरक्षण पर अपना रुख साफ करना होगा।

महासमागम में समाज ने प्रमुख रूप से EWS आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% करने और इसे पंचायत चुनाव में भी लागू करने की मांग उठाई। शक्ति सिंह ने कहा कि शिक्षा और रोजगार में समान अवसर के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेघराज सिंह रॉयल (चेयरमैन, UGPF) ने शिक्षा और खेल प्रतिभाओं की मदद पर जोर देते हुए कहा कि जातिवाद के बजाय सामाजिक एकता से ही भविष्य मजबूत होगा।

महासमागम की प्रमुख मांगें

-पूर्वी राजस्थान की 39 विधानसभाओं में राजपूत समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़े।
-EWS आरक्षण को केंद्र स्तर पर भी राजस्थान की तर्ज पर सरल बनाया जाए।
-क्षत्रिय इतिहास के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त कानून बने।
-शैक्षणिक परिसरों में जातिगत भेदभाव को पूरी तरह खत्म किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे माहौल में भारी उत्साह देखा गया। समागम के अंत में शक्ति सिंह बांदीकुई के नेतृत्व में हजारों लोगों ने पैदल मार्च निकाला और उपखंड अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।