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एनएच 248 ए: नटनी का बारा से अलवर तक सड़क निर्माण की रफ्तार स्लो, जनता फांक रही धूल

नटनी का बारा से अलवर तक एनएच 248 ए के चौड़ीकरण में अभी लंबा समय लगेगा।

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अलवर

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Santosh Trivedi

Feb 14, 2026

natni ka bara

Photo- Patrika

अलवर। नटनी का बारा से अलवर तक एनएच 248 ए के चौड़ीकरण में अभी लंबा समय लगेगा। ऐसे में जनता को धूल फांकनी पड़ेगी। घरों से लेकर काॅमर्शियल प्रतिष्ठानों पर धूल की परत जम गई है।

सांस के रोगी अपने को घरों में बंद रहने को विवश हैं। पीडब्ल्यूडी एनएच के चल रहे काम पर जनता ने सवाल उठाया है कि इस गति से चलता रहा, तो जीना मुश्किल है।

अलवर से नटनी का बारा की दूरी करीब 14 किमी है। यह मार्ग एनएच 248 ए कहलाता है। करीब तीन माह पहले इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ था। 1700 से अधिक पेड़ों पर आरी चलाई गई और उसके बाद जेसीबी चली।

करीब तीन माह में अभी मिट्टी की परत व कंक्रीट ही डाले गए हैं। रोलर चलाए जा रहे हैं, लेकिन काम नहीं दौड़ पा रहा है। यहां प्रतिदिन हजारों दुपहिया और चोपहिया वाहन निकलते हैं, जिनके साथ पीछे से धूल उड़ती है।

चाय विक्रेता रोहिताश शर्मा कहते हैं कि अब तो कारोबार शून्य पर आ गया। धूल के कारण कोई ग्राहक नहीं आता। ऐसे में अधिकांश बार दुकान बंद रखते हैं।

घरों तक मिट्टी जा रही है। ढाबा संचालक हिमांशु कुमार का कहना है कि उनका कारोबार भी अब 80 फीसदी घट गया। धूल बंद हो तो कहीं उनका जीवनयापन हो। पीडब्ल्यूडी एनएच के एक इंजीनियर का कहना है कि काम अब और तेजी से होगा। धूल न उड़े, उसके लिए पानी का छिड़काव करवा रहे हैं।

हाफ की जगह फुल मैराथन होती, तो बन जाती सड़क

शहर में 8 फरवरी को आयोजित हाफ मैराथन के चलते कई मार्ग ठीक हो गए। कहीं पर पैचवर्क किया, तो कहीं पर नई सड़क बनाई गई। लोग कह रहे हैं कि यही हाफ की जगह फुल मैराथन होती, तो सड़क नटनी का बारा तक बन जाती और जनता को आराम मिलता।