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क्या आप जानते हैं फ्लाइट में कैसे सोते हैं पायलट और एयर होस्टेस

 क्या आपने कभी सोचा है कि आपको खाना खिलाने के बाद जब प्लेन में रोशनी कम कर दी जाती है, तो एयर होस्टेस कहां जा कर छिप जाती हैं,  हम आपको बताते हैं इसका जवाब...

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Patrika Desk

Aug 27, 2016

secret bedrooms where air hostess and pilots sleep

secret bedrooms where air hostess and pilots sleep

न्यूयॉर्क। क्या आपने कभी सोचा है कि आपको खाना खिलाने के बाद जब प्लेन में रोशनी कम कर दी जाती है, तो एयर होस्टेस कहां जा कर छिप जाती हैं और इतनी लंबी फ्लाइट में पायलट कहां आराम करते हैं? अगर आपको नहीं पता तो कोई बात नहीं। हम आपको बताते हैं इसका जवाब...





















कहां जाते हैं पायलट साहब?
दिल्ली से न्यूयॉर्क की डायरेक्ट फ्लाइट 15 घंटे की होती है। ऐसे में यात्री बैठे बैठे थक जाते हैं, तो प्लेन चलाने वाले पायलट का क्या हाल होता होगा। कुछ वक्त तो काम को को-पायलट संभाल लेता है, लेकिन उस वक्त पायलट साहब कहां जाते हैं?





















ये है पायलट का कमरा
यह है नए बोइंग 777 का पायलट केबिन। बिजनेस क्लास जैसी आरामदेह कुर्सियां, पीछे बिस्तर और साइड में वॉश बेसिन भी लगा है। पायलट यहां आराम से अपनी थकान उतार सकते हैं।





















ताबूत जैसा कमरा होने की शिकायत करते हैं पायलट
यह है पुराने बोइंग 777 का विश्राम कक्ष। पायलट अक्सर इसे ले कर शिकायत करते थे कि इसमें आराम करना ताबूत में लेटने जैसा महसूस होता है। पायलट इसमें लेट तो सकते हैं, लेकिन ज्यादा हिलडुल नहीं सकते।





















इस तरह के चेंबर में आराम करती हैं एयर होस्टेस
जिस समय यात्री सो रहे होते हैं और एयर होस्टेस के पास कोई खास काम नहीं होता, वे इस तरह के चेंबर में आराम करने आ जाती हैं। जाहिर है, यात्रियों को यह कभी देखने को नहीं मिलता।





















इन्हें कहते हैं सीक्रेट चेंबर
बोइंग 777 के अंत में इस तरह के चेंबर बने होते हैं। लोग इन्हें सीक्रेट चेंबर भी कहते हैं। यहां तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा होता है कि एयर होस्टेस को अक्सर सिर झुका कर चलना पड़ता है। यहां छह से दस बिस्तर लगे होते हैं।





















यात्री कक्ष के ऊपर बना होता है ड्रीमलाइनर का केबिन
यह है बोइंग 787 के ड्रीमलाइनर का केबिन। यह यात्री कक्ष के ऊपर बना होता है और पुराने केबिनों के मुकाबले काफी ज्यादा आरामदेह है। दोनों बिस्तरों के बीच जो पर्दा लगा है, वह सिर्फ रोशनी को ही नहीं, आवाज को भी रोकता है।




















बाहर का नजारा देखने के लिए कोई खिड़की नहीं
विमान का जब इंटीरियर डिजाइन किया जाता है, तब प्राथमिकता यात्री और उनका आराम ही होता है। बची खुची जगह में एयर होस्टेस के लिए केबिन बन जाते हैं। यहां वे सो तो सकती हैं, लेकिन बाहर का नजारा देखने के लिए कोई खिड़की नहीं है।





















एयर होस्टेस और पायलट के लिए होते हैं एक जैसे केबिन
और यह है बोइंग 787 के पायलटों का आराम कक्ष। एयर होस्टेस और पायलट के कमरों में कोई खास फर्क नहीं है, बस दोनों प्लेन के अलग अलग कोनों में बने हैं।