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अमरीका का स्वतंत्रता संग्राम: मानवता के इतिहास का अहम पड़ाव

मानव की प्रगति में अमरीका के स्वतंत्रता संग्राम को एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस क्रांति के फलस्वरूप नई दुनिया में न केवल एक नए मजबूत देश का जन्म हुआ बल्कि मानव जाति के इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात हुआ।

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अमरीका का स्वतंत्रता संग्राम: मानवता के इतिहास का अहम पड़ाव

नई दिल्ली। 4 जुलाई को संयुक्त राज्य अमरीका के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।मानव की प्रगति में अमरीका के स्वतंत्रता संग्राम को एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस क्रांति के फलस्वरूप नई दुनिया में न केवल एक नए मजबूत देश का जन्म हुआ बल्कि मानव जाति के इतिहास में एक नए युग का सूत्रपात हुआ। अमरीका के स्वतंत्रता संग्राम का महत्व विश्व इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। इस क्रांति का प्रभाव अमेरिका, इंग्लैंड सहित पूरे दुनिया के दूसरे देशों पर भी पड़ा।

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'नई दुनिया' के लिए होड़

1442 ई० में कोलंबस ने एक नई दुनिया की खोज की। इसके साथ ही तत्कालीन विश्व की शक्तियों ने अमरीकी पर अपनी प्रभुता स्थापित करने के प्रयास शुरू कर दिए।डच, स्पेनिश और अंग्रजों ने इस महाद्वीप पर अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए कोशिशें शुरू कर दीं। शुरू में स्पेन इस होड़ में सबसे आगे था लेकिन समय बीतने के साथ इंग्लैंड इस महाद्वीप की अकेली सत्ता के रूप में उभर कर सामने आया। अंग्रेजों ने इस महाद्वीप पर अपने 13 उपनिवेश स्थापित किये। अंग्रेजों के अत्याचार और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध १८ वीं सदी के अंतिम वर्षों में अमरीकी निवासियों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी और ब्रिटिश सत्ता का जुआ उतार फेंका।

अमरीकी स्वतंत्रता संग्राम का महत्व

अमरीका के स्वतंत्रता संग्राम ने विश्व के इतिहास पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। मानव सभ्यता के इतिहास में अमरीकी स्वाधीनता संग्राम का विशेष महत्व है।

- स्वतंत्र प्रजातांत्रिक राष्ट्र की स्थापना
- क्रांति के पश्चात् विश्व के इतिहास में एक नए संयुक्त राज्य का जन्म
- स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद तरह अमरीकी उपनिवेशों ने अपने देश में प्रजातांत्रिक शासन का संगठन किया
- जब संसार के सभी देशों में राजतंत्र था तब अमरीका में प्रजातंत्र की स्थापना की गई
- संयुक्त राज्य अमरीका ने विश्व के समक्ष नए राजनीतिक आदर्शों की एक बानगी प्रस्तुत की जिसमें गणतंत्र, जनतंत्र, संघवाद और
संविधानवाद का बोलबाला था
- गणतंत्र और प्रतिनिधि सरकार की स्थापना अमरीकी क्रांति की सबसे बड़ी देन थी
- आधुनिक इतिहास में अमरीका ने सबसे पहले धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की स्थापना की। संविधान में चर्च को राज्य से अलग किया गया
- मानवीय समानता पर आधारित एक नयी व्यवस्था का सृजन हुआ
- महिलाओं की सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ
- विदेशियों से अमरीका को कृषि समबन्धी नई-नई जानकारियां प्राप्त हुई। कृषि क्रांति ने अमरीका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिक निभाई।
- क्रांति से अमरीकी उद्योग धंधे भी लाभान्वित हुए

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इंग्लैंड के पराभव की शुरुआत

- अमरीकी क्रांति ने दुनिया में भी कई तरह के परिवर्तन किए। इंग्लैंड में सम्राट जार्ज तृतीय एवं प्रधानमंत्री लॉर्ड नॉर्थ दोनों की सत्ता कमजोर पड़ने लगी। अमरीकी क्रांति ने राजा के दैवी अधिकार पर आधारित राजतांत्रिक व्यवस्था पर जोरदार प्रहार किया। हाउस ऑफ कॉमन्स में राजा के अधिकारों को सीमित करने का प्रस्ताव पारित किया तथा लार्ड नॉर्थ को प्रधानमन्त्री पद से त्यागपत्र देना पड़ा। इससे जार्ज तृतीय के व्यक्तिगत शासन का अंत हो गया।अमरीकी उपनिवेशों के स्वतंत्र हो जाने से इंग्लैंड के औपनिवेशिक साम्राज्य को ठेस पहुंची। ब्रिटिश सरकार ने यह अनुभव किया कि शेष बचे हुए उपनिवेशों को अपने अधीन रखने के लिए उसे औपनिवेशिक शोषण की नीति को छोड़ना और और उपनिवेशों की जनता के अधिकारों का सम्मान करना होगा

फ्रांस में असंतोष के बीज

- इस युद्ध में फ्रांस ने अमरीका का पक्ष लिया । अमरीकी उदाहरण से फ्रांस में जनता असंतुष्ट हुई और वहां क्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ। स्वतंत्रता की चेतना का फ्रांस में तीव्र प्रभाव पड़ा और इसने फ्रांस को क्रांति के मार्ग की ओर पे्ररित किया।

भारत पर प्रभाव

- अमेरिकी क्रांति का प्रभाव भारत पर भी पड़ा। अमरीकी स्वतंत्रता संग्राम में फ्रांस के युद्ध में कूद जाने से भारत में भी आंग्ल-फ्रांसीसी युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई। फ्रांसीसियों की कमजोर शक्ति से लाभ उठाकर अंग्रेजों ने अपने भारतीय राज्य विस्तार की नीति को मजबूत कर दिया । अमरीकी क्रांति के कारणों में एक कारण यही भी था कि ब्रिटेन ने अमरीकी उपनिवेशों के आतंरिक शासन में हस्तक्षेप नहीं किया था। फलतः अमरीकी उपनिवेशवासियों में स्वशासन की चेतना का विकास हो गया। ब्रिटेन ने इस स्थिति से सीख लेकर अपने भारतीय उपनिवेश के आंतरिक मामलों में आरंभिक चरण से सक्रिय हस्तक्षेप जारी रखने की नीति अपनाई।