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अमरीकी वैज्ञानिकों का दावा, राम सेतु आज भी है अस्तित्व में, स्मृति ईरानी ने कहा- जय श्री राम

अमरीकी भू-वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया है कि राम सेतु मानव निर्मित है। इसका एक प्रोमो भी रिलीज किया है।

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Kapil Tiwari

Dec 13, 2017

Ram setu

Ram setu

न्यूयॉर्क: भगवान श्री राम के द्वारा लंका जाने के लिए समुद्र पर बनाया गए सेतु का आज भी अस्तित्व है। हालांकि इस बात को लेकर समय-समय पर बहस होती रही हैं, लेकिन एक अमरीकी न्यूज चैनल ने बड़ा खुलासा किया है। इस चैनल ने रामसेतु के अस्तित्व मे होने के संकेत दिए हैं। हालांकि ये बात पहले भी कई बार सिद्ध हो चुकी है कि समुद्र के नीच रामसेतु आज भी है।

वैज्ञानिकों ने दावे का सबूत भी दिया
अमरीका के साइंस चैनल ने एक शो के दौरान इस रहस्य से पर्दा उठाया है कि राम सेतु आज भी समुद्र के नीचे हैं। शो के दौरान बकायदा इस बात के प्रमाण भी दिए गए हैं। भू-वैज्ञानिकों के हवाले से दावा करने वाले एक टीवी शो- ऐन्सिएंट लैंड ब्रिज के प्रोमो में ये साफ दिख रहा है। इस शो का प्रसारण साइंस चैनल पर अभी होना बाकी है। अमरीकी भू-वैज्ञानिकों के अनुसंधान के मुताबिक रामेश्वरम के पम्बन द्वीप से श्रीलंका के मन्नार द्वीप के बीच 50 किलोमीटर लंबी श्रृंखला मानव निर्मित है। राम सेतु को एडम्स ब्रिज भी कहा जाता है। इंस चैनल पर चल रहे इस प्रोमो को 24 घंटे के अंदर 11 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

इस प्रोमो के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, 'जय श्री राम'

इन वैज्ञानिकों ने की है रिसर्च
आपको बता दें कि इस रिसर्च को इंडियाना यूनिवर्सिटी नॉर्थवेस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर और सदर्न ऑरेगान यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पूरा किया है और रिसर्च के नतीजों में ये बात सामने आई है कि राम सेतु मानव निर्मित है। प्रोमो में एक वक्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है - सैंड बार प्राकृतिक हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर रखे पत्थरों को कहीं दूर से लाकर किसी ने रखा है। ये चट्टानें 7000 साल पुरानी हैं, जबकि सैंड बार केवल 4000 साल पुराने। इस समय को ही रामायण काल माना जाता है। ये अजीब है कि बालू के ऊपर रखी चट्टानें बालू से ज्यादा पुरानी हैं, जिसकी वजह से इस रिसर्च में ट्विस्ट आ गया है।