Language Dispute: भाषा वाले मुद्दे को लेकर बैकफुट पर आई शिवसेना! संजय राउत बोले- हिंदी बोलने वाले लोगों पर कभी हमला नहीं हुआ
Language Dispute in Maharashtra: महाराष्ट्र में खासकर मुंबई में भाषा को लेकर राजनीतिक जंग छिड़ गई है। हाल के दिनों में इसको लेकर मुंबई और आसपास के इलाकों में विवाद भी देखने को मिला। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) के समर्थकों पर हिन्दी भाषा बोलने वाले लोगों पर हमला करने का भी आरोप लगा। कई ऐसे वीडियो सामने आए, जिसमें यह देखा गया कि MNS समर्थक हिंदी बोलने वाले लोगों की पिटाई कर रहे हैं। अब इस मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है।
एक दिन पहले झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी भाषा के मुद्दे को लेकर सीधे तौर पर राज ठाकरे पर हमला बोला और इसके साथ उन्हें खुली धमकी भी दे डाली। उन्होंने खुलकर कहा कि राज ठाकरे में अगर इतनी हिम्मत है तो बिहार आकर दिखाएं, उन्हें पटक पटककर मारेंगे। इस बयान को लेकर बवाल मच गया है। इसपर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी पलटवार किया है।
संजय राउत ने कहा कि पहले तो ये बताओ कि दुबे है कौन? मैं यहां (महाराष्ट्र) के हिंदी बोलने वाले सभी नेताओं से अपील करता हूं कि ऐसे बयानों की तुरंत कड़ी निंदा करें। तभी मैं यह समझूंगा कि आप महाराष्ट्र से हैं। मैं इस बात पर चकित हूं कि एक भाजपा सांसद मराठी लोगों के खिलाफ बयान दे रहा है और यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल चुप है।
संजय ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह किस तरह के सीएम हैं? उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज और बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। एकनाथ शिंदे, जो खुद को नकली शिवसेना के नेता बताते हैं, उन्हें अपनी ढाढ़ी कटवा लेनी चाहिए। उन्हें इस तरह के बयानों को लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए।
संजय ने यह तक कह दिया कि उन्हें पीएम मोदी और अमित शाह के पास जाकर यह बताना चाहिए कि महाराष्ट्र में अभी क्या चल रहा है। महाराष्ट्र में हिंदी बोलने वाले लोगों पर कभी हमला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दुबे को सही करना देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार की जिम्मेदारी है।