
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ की एकलपीठ ने याचिका को आधारहीन मानते हुए कहा कि याचिका में लगाये गए आरोपों में तथ्य नहीं दिए गए हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े अजय राय ने पीएम मोदी की ओर से दाखिल हलफनामे में गतल तथ्य पेश करने को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसकी सुनवाई के बाद 24 नवम्बर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। जिसके बाद पिछले तीन दिनों से हाईकोर्ट में फैसला लिखाया जा रहा था।
आपको बता दें कि राय पिछले लोकसभा चुनाव में तीसरे नम्बर पर रहे थे और उनकी जमानत जब्त हो गई थी। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मोदी के चुनाव प्रचार में 50 करोड रुपये से अधिक खर्च' किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्राचीन मंदिर वाले इस नगर में कई आलीशान होटलों को 24 अप्रैल, 2014 से 12 मई 2014 की अवधि के दौरान बुक किया गया था। राय ने यह भी दावा किया था कि प्रचार करने तथा हर हर मोदी घर घर मोदी और ‘‘अबकी बार मोदी सरकार'' जैसे नारों को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से ‘‘400 से अधिक वैन'' लगाई गई थीं।
पीएम मोदी की ओर से दाखिल चुनावी हलफनामे में सात बिन्दुओं को लेकर चुनाव याचिका दाखिल की गई थी।जिसमें से याचिकाकर्ता के वकील की ओर से दो बिन्दुओं पर ही कोर्ट में बहस की गई।
पीएम मोदी की ओर से दाखिल हलफनामे में उनकी पत्नी की सम्पत्ति के बारे में जहां कोई जानकारी न होने की जानकारी दी गई थी, वहीं खर्चे को लेकर भी याचिका में लगाये गए आरोपों को लेकर कोई ठोस तथ्य नहीं पेश किए गए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजहर हुसैन के मामले दिए गए निर्णय के आधार पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि चुनाव याचिका में अगर ठोस तथ्य नहीं दिए गए हैं तो याचिका पोषणीय नहीं होगी।