ताजमहल पर मुगल बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय 363 वां उर्स 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है।
आगरा। मोहब्बत की इमारत ताजमहल पर मुगल बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय 363 वां उर्स 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है। उर्स को लेकर ताजमहल पर तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार खुद्दाम ए रोजा कमेटी द्वारा चढ़ाई जाने वाली चादर की लंबाई 1111 मीटर होगी। इसके साथ ही आप तीन दिन तक शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों का दीदार भी कर सकेंगे। वहीं उर्स के दौरान तीन दिन तक ताजमहल में एंट्री निशुल्क रहेगी।
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सतरंगी चादर की बढ़ी लंबाई
खुद्दाम ए रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि इस वर्ष भी शाहजहां का उर्स धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार कमेटी द्वारा 1111 मीटर लंबी चादर चढ़ाई जाएगी। ये चादर दक्षिणी गेट स्थित हनुमान मंदिर से मत्था टेकर ताजमहल में प्रवेश करेगी।
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तीन दिन निशुल्क रहेगा ताजमहल
उर्स 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है। इसके साथ ही 13 और 14 अप्रैल को दोपहर के बाद से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इसको देखते हुए ताजमहल दोपहर दो बजे के बाद सैलानियों के लिए फ्री रहेगा। वहीं 15 अप्रैल को ताजमहल में सैलानियों के लिए एंट्री निशुल्क रहेगी।
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ये हैं कार्यक्रम
ताजमहल पर शुरू होने वाले शाहजहां के 363 वें उर्स की तैयारियों में लगे सेलीब्रेशन कमेटी के चेयरमैन मुनव्वर अली ने बताया कि 13 अप्रैल को गुस्ल की रस्म, 14 अप्रैल को संदल होगी। 15 अप्रैल को सुबह से ही कुल शरीफ कुरान खानी फातिहा व चादरपोशी होगी। शाम को पांच बजे से लंगर बटेगा।
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