
ahmedabad: काजू कतली पर चांदी के वर्क की जगह दूसरे धातु का वर्क इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आने के बाद मनपा के खाद्य विभाग ने संबंधित इकाई को सील कर दिया। वहीं एक अन्य इकाई में एफएसएसएआइ लाइसेंस नहीं होने और स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं करने पर उसे भी सील किया गया।
त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन-फरसाण और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए मनपा ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। खाद्य विभाग की टीमें रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए मौके पर ही संदिग्ध खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच कर रही हैं। अब तक 22 खाद्य इकाइयों में इस तरह की जांच की जा चुकी है।खाद्य विभाग ने कालूपुर दरवाजा क्षेत्र में स्थित श्री कनैयालाल मावावाला नामक दुकान की जांच की। काजू कतली के नमूने की मौके पर रैपिड टेस्टिंग के दौरान उसमें चांदी के वर्क की जगह अन्य धातु का वर्क होने की बात सामने आई। इसके बाद खाद्य विभाग ने आगे जांच की तो काजू कतरी का माल जिस इकाई से तैयार होकर आता था, उसका पता चला। जनस्वास्थ्य के हित में संबंधित काजू कतरी निर्माण इकाई को भी सील कर दिया गया।
अभियान के दौरान वाडीलाल क्षेत्र स्थित श्री बालाजी मावावाला के गोदाम की भी जांच की गई। यहां खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक एफएसएसएआई लाइसेंस नहीं मिला। साथ ही इकाई में स्वच्छता की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके चलते गोदाम को सील कर दिया गया।
मनपा की टीमें मिठाइयों में चांदी के वर्क, नॉन-फूड ग्रेड रंग, मावा में स्टार्च, वनस्पति वसा तथा केसर की शुद्धता की जांच कर रही हैं। नमकीन-फरसाण और बिस्किट में प्रतिबंधित रंगों की जांच के साथ पनीर व चीज में स्टार्च की मौजूदगी भी देखी जा रही है। संदिग्ध नमूनों को आगे प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा।