
ahmedabad : शहर के गाेमतीपुर स्थित गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरसी) के एपरेल पार्क डिपो में महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड (जीएलपीसी) और जीएमआरसी के संयुक्त प्रयास से यहां मंगलम कैंटीन शुरू की गई। खास बात यह है कि कैंटीन की कमान महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप) के हाथों में होगी।नांदेज गांव के गोपी सखी मंडल की पूनम परमार के साथ पांच अन्य महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य कैंटीन का संचालन करेंगी। महिलाओं के लिए यह महज रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि अपने कौशल के बूते कारोबार संभालने और नियमित आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू हुई यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का संदेश भी देती है। महिलाएं भोजन तैयार करने से लेकर कैंटीन के संचालन, प्रबंधन और ग्राहकों से सीधे जुड़ने तक की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे उन्हें व्यवसाय संचालन का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। जीएलपीसी की ओर से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलम कैंटीन भी इसी अभियान का हिस्सा है। यह साझेदारी स्थानीय महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ वोकल फॉर लोकल की भावना को भी मजबूत करती है।
राज्यभर में वर्तमान में करीब 300 मंगलम कैंटीन संचालित हो रही हैं। इनके माध्यम से 1700 से अधिक महिलाएं सीधे रोजगार से जुड़ी हैं। कैंटीन के आकार और कारोबार के अनुसार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रतिमाह करीब 10 हजार से 30 हजार रुपए तक की आय हो रही है। ऐसे में अहमदाबाद की यह नई कैंटीन महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक और मजबूत कड़ी साबित होगी। कैंटीन के शुभारंभ के मौके पर जीएमआरसी के जॉइंट एमडी संजय गुप्ता, जीएलपीसी की जॉइंट एमडी शोभना वर्मा सहित दोनों संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।