Ahmedabad: शहर में सोमवार को गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है। वहीं राजकोट शहर राज्य में सबसे गर्म रहा जहां पारा 42.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले सात दिनों […]
Ahmedabad: शहर में सोमवार को गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है। वहीं राजकोट शहर राज्य में सबसे गर्म रहा जहां पारा 42.4 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले सात दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। अहमदाबाद मनपा ने हीटवेव की आशंका जताते हुए हीट एक्शन प्लान भी तैयार किया है।मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से 20 अप्रेल तक गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और अहमदाबाद में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 41 डिग्री के बीच रहेगा। कच्छ जिले में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि तटीय गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के इलाकों में गर्म और उमस भरी हवा से परेशानी बढ़ सकती है।
गर्मी से बचाव के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका ने विशेष हीट एक्शन प्लान लागू किया है। इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में हॉट स्पॉट की पहचान निगरानी होगी। हर तीन दिन में तापमान का डेटा वेबसाइट और क्यूआर कोड के जरिए अपडेट किया जाएगा।
अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए सुबह की पाली में कक्षाएं कराई जा रही हैं। इस दौरान हर डेढ़ घंटे पर वॉटर ब्रेक दिया जाएगा। इसके तहत वॉटर वेल में बच्चों को पानी व ओआरएस जैसी व्यवस्था की जाएगी।
भीषण गर्मी को ध्यान में रखकर 1300 से अधिक पानी की प्याऊ शुरू की हैं, जिनमें से 200 भीड़भाड़ वाले इलाकों में हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में हीट से प्रभावित मरीजों के लिए व्यवस्था की गई है।आंगनवाड़ियों, निर्माण स्थलों, मजदूर नाकों पर व्यवस्थाशहर की 2074 आंगनवाड़ियों, निर्माण स्थलों और मजदूर नाकों पर ओआरएस और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। 19 हजार से अधिक फील्ड ड्यूटी कर्मचारियों को सफेद कैप दी गई है।
शहर के 300 से अधिक बगीचे अब सुबह 6 से रात 11 बजे तक खुले रखे जाएंगे। शहर में मनपा संचालित एएमटीएस और बीआरटीएस बस डिपो व स्टेशनों पर एयर कूलर, वॉटर कूलर और ओरएस की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक जंक्शनों पर ग्रीन नेट लगाकर राहत देने की कोशिश की गई है।