अहमदाबाद

हीटवेव से निपटने की तैयारी, अहमदाबाद में हॉट स्पॉट की पहले ही हो जाएगी पहचान

Ahmedabad बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका ने स्पेस-टेक स्टार्टअप सैटेलियो लैब्स के साथ रणनीतिक करार किया है। इस पहल के तहत शहर में गर्मी के ‘हॉटस्पॉट’ की पहले से पहचान कर समय रहते बचाव के उपाय किए जा सकेंगे।मनपा के अनुसार, फिलहाल शहर के 24 स्थानों पर […]

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अहमदाबाद का सैटेलाइट मैप (फाइल फोटो)

Ahmedabad बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका ने स्पेस-टेक स्टार्टअप सैटेलियो लैब्स के साथ रणनीतिक करार किया है। इस पहल के तहत शहर में गर्मी के ‘हॉटस्पॉट’ की पहले से पहचान कर समय रहते बचाव के उपाय किए जा सकेंगे।मनपा के अनुसार, फिलहाल शहर के 24 स्थानों पर निगरानी शुरू कर दी गई है, जिनमें ओढव इंडस्ट्रियल एरिया, रामोल-हाथीजन, वटवा जीआइडीसी रोड, सरदारनगर, सरदार पटेल एयरपोर्ट, बापूनगर, नरोडा आइटीआइ, पिराणा डंप साइट, चांदखेड़ा और साबरमती रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं।

सैटेलाइट और एआइ से होगा पूर्वानुमान

इस प्रोजेक्ट के तहत सैटेलाइट से प्राप्त लैंड सरफेस टेम्परेचर (एलएसटी) डेटा का उपयोग किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित एल्गोरिद्म के जरिए 30×30 मीटर रिजोल्यूशन पर तापमान का तीन दिन पहले तक पूर्वानुमान तैयार किया जाएगा। इसकी सटीकता लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के भीतर रहने का दावा किया गया है।

समय रहते बचाव के कदम

मनपा का कहना है कि इस तकनीक से हीटवेव, हीट स्ट्रोक और अर्बन हीट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी संभव होगी। संवेदनशील इलाकों में पानी, छाया, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य राहत उपाय समय रहते उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल अहमदाबाद को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक सक्षम और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह स्टार्टअप उच्च-रिज़ोल्यूशन, मल्टीबैंड थर्मल इंटेलिजेंस सैटेलाइट कंस्टीलेशन विकसित कर रहा है, जिसमें इसरो के पूर्व वैज्ञानिक भी जुड़े हैं। इस तकनीक के जरिए सैटेलाइट से प्राप्त लेण्ड सरफेस टेम्परेचर (एलएसटी) डेटा का उपयोग कर शहर में गर्मी के हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी।

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