-साणंद, केराला जीआइडीसी और चांगोदर थाना क्षेत्र का मामला, जिले की स्थानीय अपराध शाखा ने पकड़ा, 8 महीनों से थे सक्रिय, 6 मामले सुलझे
Ahmedabad. जिले के साणंद, केराला जीआइडीसी और चांगोदर थाना क्षेत्र के गांवों में खेत एवं खेतों पर बने मकानों में रात के समय फसलों की रखवाली के लिए सोने वाले पुरुष और महिलाओं के कान को काटकर उसमें पहनी सोने की बूटी, कुंडल को लूटने वाले गिरोह का जिले की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह जिले में बीते आठ महीनों से सक्रिय था। इस गिरोह के सदस्यों की ओर से ऐसे छह मामलों को अंजाम देने के मामले की गुत्थी सुलझी है। जिसमें से दो मामले साणंद टाउन, दो मामले साणंद जीआइडीसी, एक मामला केराला जीआइडीसी और एक मामला चांगोदर थाने में दर्ज है।
जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक का नाम संजय झीलिया है, जबकि दूसरे आरोपी का नाम दशरथ उर्फ दशो देवीपूजक है। संजय साणंत तहसील के कोदारिया गांव और दशरथ जूडा गांव निवासी है। इस मामले में साणंद तहसील के ही मटोडा गांव का निवासी प्रकाश देवीपूजक फरार है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से लूट की छह वारदातों को अंजाम देकर लूटे गए 6.69 लाख रुपए के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसमें 57 ग्राम सोने के आभूषण और 9 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। आरोपियों के पास से सोने की दो काप , तीन बाली, एक पैंडल, सोने की दो अन्य बाली, एक बूटी, एक चेन, चांदी की बूटी का पेच, सोने की चार अन्य काप और कान की सात अन्य बालियां बरामद की गई हैं।
जाट ने बताया कि शातिर आरोपी पशुओं को खरीदने के बहाने से दिन के समय रैकी करते थे। उसके बाद रात के समय जाकर वहां सोने वाले पुरुष या महिला के कान को काटकर सोने के आभूषण लूट लेते थे।