मुख्यमंत्री ने गिफ्ट सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किया शुरू, एआई इनोवेशन चैलेंज भी शुरू
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन करते हुए कहा कि गुजरात में एआई के क्षेत्र में यह सेंटर महत्वपूर्ण थिंक टैंक के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल 7 महीनों में यह सेंटर कार्यरत होने से प्रधानमंत्री मोदी की ‘जो कहना, वह करना’ की कार्यप्रणाली चरितार्थ हुई है। उन्होंने एआई इनोवेशन चैलेंज की शुरूआत कराई और एआई, आईओटी आधारित सॉल्यूशन एवं स्टार्टअप में इनोवेटिव सॉल्यूशन्स के अर्ली अडॉप्शन के 10 अवॉर्ड भी एमएसएमई को प्रदान किए।
गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ,माइक्रोसॉफ्ट के बीच जून-2024 में इस सेंटर के लिए एमओयू हुआ था।
गिफ्ट सिटी के एमडी व सीईओ तपन रे ने कहा कि ‘एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ गिफ्ट सिटी के विजन को विस्तार दे रहा है।
पटेल ने कहा कि गुजरात को एआई तथा टेक्नोलॉजी आधारित विकास का हब बनाने की दिशा में इस सेंटर की शुरूआत होना बड़ा कदम है। गिफ्ट सिटी में इनोवेशन हब की शुरुआत के बाद आज बहुत ही कम समय में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू हुआ है। यह सेंटर स्टार्टअप तथा इंडस्ट्री के बीच महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करेगा और एआई टेक्नोलॉजी सेक्टर में नॉलेज गैप भरेगा। इससे नए सॉल्यूशन्स बनाने वाले एक्सपर्ट्स, प्रोफेशनल्स व स्टार्टअप को एक मंच पर लाने वाला इकोसिस्टम भी स्थापित होगा।
मुख्य सचिव राज कुमार ने कहा कि आगामी समय में गुजरात एआई टेक्नोलॉजी का भी हब बनेगा। गुजरात आगामी समय में मैन्युफैक्चरिंग सहित प्रत्येक क्षेत्र में एआई टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहन देगा।
भारत के एआई मिशन के मिशन निदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि गुजरात में आईआईटी-गांधीनगर स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। जहां करीब 1 हजार से अधिक स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज को मैन्युफैक्चरिंग में एआई का उपयोग और लगभग 300 स्टार्टअप को सपोर्ट किया गया है। इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के जरिए गुजरात रिवॉल्यूशन इन सेमीकंडक्टर टेक्नॉलाजी में अग्रणी राज्य बना है।
नैसकॉम के को-फाउंडर व मास्टेक के चेयरमैन अशांक देसाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल टेक्नोलॉजी नहीं है, अपितु वाइड स्प्रेड इकोनॉमी के लिए ट्रांसफॉर्मेटिव फोर्स है। एआई बहुत पुरानी टेक्नोलॉजी है, परंतु पिछले 5 से 6 वर्षों में कम्प्यूटिंग पावर एवं आधुनिक सॉफ्टवेयर के जरिये उसका व्यापक प्रसार हुआ है।