राज्य में करुणा 1962 एम्बुलेंस की संख्या दुगने से भी अधिक
उत्तरायण गुजरात का सबसे लोकप्रिय पर्व है, लेकिन पतंगबाजी के दौरान पतंग की डोर के कारण हादसों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। पशु-पक्षियों के घायल होने की घटनाएं हर साल चिंता का विषय बनती हैं। अहमदाबाद में भी स्थिति गंभीर रहने की आशंका है।शहर में सामान्य दिनों में पक्षियों के जख्मी होने के औसतन 101 केस दर्ज होते हैं, वहीं इस बार 14 जनवरी 2026 को 247 केस (145 फीसदी वृद्धि) दर्ज होने का अनुमान है। 15 जनवरी को 244 केस (142 फीसदी वृद्धि) तक केस दर्ज होने का अनुमान है। इसी तरह राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में भी केसों में भारी बढ़ोतरी की आशंका है।
गुजरात सरकार के पशुपालन विभाग और 1962 करुणा एनिमल एम्बुलेंस सेवा मिलकर हर साल 1 से 20 जनवरी तक विशेष “करुणा अभियान” चलाते हैं। इस बार अनुमान है कि 14 और 15 जनवरी को सामान्य दिनों की तुलना में पक्षियों के जख्मी होने कुल केसों में क्रमशः 58.85 प्रतिशत और 73.72 प्रतिशत की वृद्धि होगी।पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भावनगर और जामनगर जैसे शहरी जिलों में सबसे अधिक केस दर्ज होने की आशंका है।
1962 करुणा एनिमल एम्बुलेंस सेवा की ओर से जारी जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार 14 जनवरी को राज्यभर में कुल केसों में 58.85 प्रतिशत वृद्धि (1645 केस) की संभावना है। पक्षी संबंधी इमरजेंसी में सबसे ज्यादा वृद्धि देखने को मिल सकती है। सामान्य दिनों में जहां औसतन 25 केस दर्ज होते हैं, वहीं 14 जनवरी को यह आंकड़ा 668 केस (2555 प्रतिशत वृद्धि) तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, प्राणी संबंधी इमरजेंसी में सामान्य दिनों के 1010 केस की तुलना में मामूली गिरावट के साथ 977 केस (-3.31 प्रतिशत) दर्ज होने का अनुमान है।
राज्य सरकार ने इमरजेंसी की बढ़ती संख्या को देखते हुए करुणा अभियान के तहत करुणा 1962 एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाकर 86 कर दी है, जो पिछले वर्ष के 37 एम्बुलेंस थीं। साथ ही अतिरिक्त स्टाफ, उपकरण और बचाव टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है।
जिला-सामान्य दिन -14 जनवरी 2026- वृद्धि %अहमदाबाद-
101 -247 -145.26
सूरत - 71 -120- 69.35
राजकोट- 55 -98 -77.73
वडोदरा -76 -103 -35.01
भावनगर -34- 123- 266.40
जामनगर -52- 102 -97.25