Ahmedabad: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इस विश्व स्तरीय खेल के आयोजन से पहले अहमदाबाद में न सिर्फ ढांचागत विकास कार्य पर जोर दिया जा रहा है बल्कि अहमदाबाद की आबोहवा को भी सुधारने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए अहमदाबाद महानगर पालिका भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) […]
Ahmedabad: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इस विश्व स्तरीय खेल के आयोजन से पहले अहमदाबाद में न सिर्फ ढांचागत विकास कार्य पर जोर दिया जा रहा है बल्कि अहमदाबाद की आबोहवा को भी सुधारने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए अहमदाबाद महानगर पालिका भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर की मदद लेगी।मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि की अध्यक्षता में आइआइटी -कानपुर के प्रतिनिधियों के साथ शु्क्रवार को अहमदाबाद में अहम बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट सेंसिंग एंड डिजिटल इंटेलिजेंस फॉर इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट पर चर्चा की गई। इसमें आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर सचिदानंद त्रिपाठी, उपायुक्त (स्वास्थ्य), स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रोफेसर त्रिपाठी ने प्रस्तुति देते हुए बताया कि शहर में रियल टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम, एआई आधारित डेटा विश्लेषण और हाइपर-लोकल सेंसर नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। तकनीक की मदद से शहर में प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान होगी। मोबाइल लैब व मॉनिटरिंग ग्रिड की मदद से वार्ड स्तर पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। वर्ष 2026-27 के बजट में भी इसे प्राथमिकता दी गई है। सड़कों पर धूल नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित आवरण बढ़ाने, वाहनों से उत्सर्जन पर रोक और वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को सशक्त बनाने जैसे उपाय किए जाएंगे।
मनपा ने 2026 से 2030 तक चरणबद्ध कार्य योजना बनाई है, जिसमें बेसलाइन मैपिंग, सेंसर स्थापना, डेटा प्लेटफॉर्म विकास, क्षमता निर्माण और रियल टाइम निर्णय आधारित प्रबंधन शामिल है। इन पहलों से अहमदाबाद की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए अहमदाबाद को तैयार करने में एआइ तकनीक निर्णायक भूमिका निभाएगी। यह पहल न केवल खेलों के दौरान स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करेगी, बल्कि शहर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्वस्थ जीवनशैली देने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी।