संवैधानिक प्रवृत्तियां करना प्रत्येक का अधिकार
अहमदाबाद. संवैधानिक प्रवृत्तियां करना प्रत्येक का अधिकार है। संविधान ने मूलभूत अधिकार दिए हैं, लेकिन केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकार लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। गुजरात में जनता की आवाज दबाई जा रही है। चाहे कोई गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हो या फिर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाला हो कांग्रेस उनको मंच मुहैया कराएगी। अखिल भारतीय सिविक एंड सोशल आउटरीच विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद मधुसूदन मिी ने संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही.
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले या फिर किसान, समाज, पाटीदार समाज, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग के लोग संवैधानिक अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को राजद्रोही और राष्ट्रद्रोही बताया जा रहा है। राजद्रोह अधिनियम का दुरुपयोग हो रहा है। मिी ने कहा कि राज्य एवं राष्ट्र की नीति बनाने वाले, रचनात्मक कार्यक्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, कृषि-कृषि मजदूर और श्रमिकों को अखिल भारतीय सिविक एंड सोशल आउटरीच विभाग जोडऩे का कार्य करेगा।
भाजपा सरकार कैग रिपोर्ट चर्चा के लिए बुलाए विशेष सत्र
अहमदाबाद. गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने संक्षिप्त विधानसभा बुलाने को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार ना डरती हो और प्रमाणिक हो तो अलग से विधानसभा सत्र बुलाकर कैग की रिपोर्ट पर चर्चा करे। गुजरात सरकार के 14 सार्वजनिक उफक्रमों ने 18 हजार 412 करोड़ रुपए का घाटा किया। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर 184 करोड़ के नुकसान का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी या अन्य उत्सव व कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए राज्य में एसटी बसों का दुरुपयोग किया गया। वहीं विद्यार्थी व ग्रामीणों को परिवहन में खासी दिक्कत हुई। कांग्रेस शासन में ग्रामीण इलाकों में ज्यादा से ज्यादा एसटी बसें चलाई जाती थीं। भाजपा शासन में ग्रामीण इलाकों में 5 हजार से ज्यादा एसटी बसें बंद कर दी गईं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि विधानसभा का सिर्फ दो दिनों का संक्षिप्त सत्र और उसमें भी चर्चा नहीं हो, जन प्रतिनिधि सवाल ना पूछें। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार उजागर ना हों इसके चलते ही सत्र के अंतिम दिन और अंतिम समय में कैग रिपोर्ट पेश की जाती है। गुड गवर्नेन्स और सुशासन की बातें करने वाली भाजपा सरकार की कैग ने गड़बडिय़ां उजागर की। इन अनियमितताओं पर चर्चा करने के लिए अलग से विधानसभा सत्र बुलाना चाहिए।