अहमदाबाद. भारत के प्रथम जनस्वास्थ्य विश्वविद्यालय भारतीय जनस्वास्थ्य संस्थान, गांधीनगर (आइआइपीएचजी) के स्वास्थ्य नीति, प्रबंधन एवं व्यवहार विज्ञान विभाग के प्रोफेसर सह विभागाध्यक्ष डॉ. महावीर गोलेच्छा का चयन भारत सरकार के संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सलाहकार के रूप में हुआ है।यूपीएससी भारत की एक संवैधानिक संस्था है जो अखिल भारतीय सेवाओं (आइएएस, आइपीएस […]
अहमदाबाद. भारत के प्रथम जनस्वास्थ्य विश्वविद्यालय भारतीय जनस्वास्थ्य संस्थान, गांधीनगर (आइआइपीएचजी) के स्वास्थ्य नीति, प्रबंधन एवं व्यवहार विज्ञान विभाग के प्रोफेसर सह विभागाध्यक्ष डॉ. महावीर गोलेच्छा का चयन भारत सरकार के संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सलाहकार के रूप में हुआ है।
यूपीएससी भारत की एक संवैधानिक संस्था है जो अखिल भारतीय सेवाओं (आइएएस, आइपीएस आदि) और केंद्र सरकार की विभिन्न सिविल सेवाओं (आइएफएस, आइआरएस आदि) के लिए निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करती है। साथ ही अधिकारियों की नियुक्ति, पदोन्नति व अनुशासनात्मक मामलों पर सरकार को सलाह देती है, जिससे देश के सुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था की अखंडता बनी रहती है।
डॉ. गोलेच्छा यूपीएससी के सलाहकार के रूप आइएएस, आइपीएस, आइआरएस, ग्रुप एवं विभिन्न उच्च स्तरीय सेवाओं और पदों के लिए साक्षात्कार और परीक्षा के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों का चयन करने में यूपीएससी को अपनी सेवाएं देंगे। वे यूपीएससी के सबसे युवा सलाहकार हैं।
देश के जाने माने वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ डॉ. गोलेच्छा को हाल में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल रैंकिंग के अनुसार भारत से सर्वश्रेष्ठ 5 वैज्ञानिको में सम्मिलित किया गया।
उन्होंने स्वास्थ्य नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनमें नेशनल हेल्थ मिशन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, जेनेरिक मेडिसिन योजना, मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना, स्वास्थ्य सिस्टम परियोजना आदि प्रमुख हैं।
वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश सरकार एवं यूनिसेफ के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन के नए मॉडल विकसित कर रहे हैं। डॉ. गोलेच्छा की उच्च शिक्षा दिल्ली के एम्स, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एवं अमेरिका में हुई। वे सयुंक्त राष्ट्र महासभा में भी भारत का प्रतिनिधित्व का चुके हैं। वे भारत सरकार के नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं विज्ञान मंत्रालय के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों में कार्य कर रहे हैं। डॉ. गोलेच्छा गुजरात सरकार एवं भारत सरकार के कॉमन रिव्यू मिशन की टीम के सदस्य भी हैं।