अहमदाबाद

नियमित पानी उपलब्ध कराने की मांग, खंभात में किसानों का धरना

तारापुर, खंभात सहित भाल पंथक में धान की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। क्षेत्र में लगभग 50 हजार हेक्टेयर जमीन में धान की रोपाई की गई है, लेकिन बारिश नहीं होने और सिंचाई का पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। मही सिंचाई योजना के तहत छोड़ा गया पानी खंभात और तारापुर तहसील के अंतिम छोर के गांवों के खेतों तक अभी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा है। एक ओर आसमान से बरस रही तेज गर्मी धान की फसल को सुखा रही है, वहीं दूसरी ओर खेतों की जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। इससे किसानों को फसल खराब होने की आशंका सताने लगी है।
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Updated: 9 Sep 2026, 10:56 PM IST
Farmers in Khambhat Stage Sit-in Demanding Regular Water Supply
खंभात में धरना देते किसान।

आणंद. जिले के खंभात सहित भाल इलाके में धान की फसल पर सिंचाई के पानी का संकट मंडराने के कारण किसानों ने बुधवार को खंभात स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय के बाहर धरना देकर सिंचाई के लिए नियमित पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
तारापुर, खंभात सहित भाल पंथक में धान की फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। क्षेत्र में लगभग 50 हजार हेक्टेयर जमीन में धान की रोपाई की गई है, लेकिन बारिश नहीं होने और सिंचाई का पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। मही सिंचाई योजना के तहत छोड़ा गया पानी खंभात और तारापुर तहसील के अंतिम छोर के गांवों के खेतों तक अभी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा है। एक ओर आसमान से बरस रही तेज गर्मी धान की फसल को सुखा रही है, वहीं दूसरी ओर खेतों की जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। इससे किसानों को फसल खराब होने की आशंका सताने लगी है।
किसानों का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में नहर में पानी छोड़े जाने की जानकारी दर्ज हो रही है, लेकिन खेतों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने सरकार से नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने की मांग की।
इस संबंध में नडियाद के सिंचाई अधिकारी राहुल उपाध्याय ने बताया कि किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए नहर में 20 दिनों के लिए 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ऊपरी क्षेत्र के किसानों द्वारा पानी लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद पीछे के क्षेत्रों के किसानों को भी पानी मिलना शुरू हो गया है।

लखपत तहसील के 25 गांवों के मालधारी पलायन करने को मजबूर

भुज. कच्छ जिले की लखपत तहसील के 25 गांवों के मालधारी पलायन करने को मजबूर हैं। इस संबंध में आप नेता डॉ. कायनात अंसारी आथा ने चारा-पानी की व्यवस्था करने को लेकर तहसीलदार को ज्ञापत सौंपा।उन्होंने बताया कि 700 से अधिक पशुओं के साथ मालधारी सुरेंद्रनगर जिले की ओर पलायन कर रहे हैं। पशुधन के अस्तित्व और स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने लखपत के प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कर नए चारा डिपो शुरू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकारी चारा डिपो का दौरा करने पर पाया कि वहां चारे का एक तिनका भी नहीं था और डिपो प्रभारी ने भी चारा नहीं होने की बात स्वीकार की थी। प्रशासन के दावों और वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर बताते हुए उन्होंने तत्काल राहत पैकेज घोषित करने की मांग की।

Updated on:
9 Sep 2026, 10:56 PM IST
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