
Ahmedabad गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम की ओर से गत दिनों गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़े पांच और संदिग्ध आतंकियों में से तीन -मो.अयूब कडीवाल, बिलाल शेरा और मो.अयूब सुणसरा-को लेकर सोमवार को पाटण पहुंची। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन तीनों संदिग्ध आतंकियों को लेकर टीम यहां एटीएस टीम ने पाटण जिले के सिद्धपुर तहसील के खडियासण गांव में जांच की गई। यहां जामिया अबुल हसन मदरसा भी पहुंची।
जांच करने के बाद टीम ने मदरसा के पीछे उमरदशी नदी के किनारे व आसपास उस जगह भी आरोपियों के साथ जांच की जहां पर आरोपियों ने बीते तीन साल में तैयार किए कम तीव्रता के बम और उसके बाद टाइमर बमों का अलग-अलग समय पर आठ बार विस्फोट कर टेस्ट किया था। एटीएस की टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर उन जगह पर जाकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की, जहां पर इन्होंने टाइमर बम को तैयार करने के बाद विस्फोट किया था। इसके अलावा एटीएस टीम ने मो.अयूब कडीवाल के घर पर भी दोबारा दबिश देकर जांच की।
अयूब घर की छत पर बैठकर विस्फोटक पाउडर बनाता और वहीं पर छिपाकर रखता था।उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को एटीएस की टीम ने पाटण जिले की सिद्धपुर तहसील के चाटावाडा निवासी बिलाल को अहमदाबाद के कठवाडा से पकड़ा था। खडियासण गांव के कडीवाल और खळी गांव के सुणसरा, बनासकांठा जिले की वडगाम तहसील के छापी निवासी शफीअ मुखी उर्फ शफी छापी (21) और पाटण जिले की सरस्वती तहसील के हैदरपुरा गांव निवासी मो.हसन करडिया उर्फ हसन हैदरपुरी (20) को गिरफ्तार किया था। आरोपी फिलहाल आठ दिनों के पुलिस रिमांड पर हैं। ऐसे में इनकी पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर एटीएस की टीम एक के बाद एक कड़ी को जोड़ने और उसके अनुरूप सबूत जुटाने में लगी है। इसी सिलसिले में सोमवार को एटीएस की टीम आरोपियों को लेकर पाटण जिले में जांच को पहुंची थी।
एटीएस की टीम आरोपी मो. हसन करडिया के पाटण जिले की सरस्वती तहसील के हैदरपुरा गांव को लेकर उसके घर भी पहुंची थी। गांव की मस्जिद में भी जांच की गई। ज्ञात हो कि आरोपियों की पूछताछ में सामने आया था कि आरोपियों ने 2023 से खडियासण के जामिया अबुल हसन मदरसा में रहते हुए अकेला मुजाहिद जिहाद कैसे करे व अन्य पुस्तकों में दी गई बम बनाने, आइडी डेटोनेट करने का मैकेनिज्म सीखना शुरू किया था। आरोपियों ने 2023 से 2026 के दौरान 8 बार बम बनाकर उसे विस्फोट भी किया था। इसके लिए इन्होंने जरूरी गन पाउडर बनाने को कच्चा मटीरियल व अन्य सामान खुद के पैसों से लोकल स्तर पर खरीदा था। कुछ केमिकल ऑनलाइन भी मंगाया था।