गृह राज्यमंत्री ने जारी किए निर्देश, सोमवार, मंगलवार को अनिवार्य स्थिति के अलावा नहीं होगी कोई बैठक व कार्यक्रम
अपनी शिकायत व समस्या लेकर थाने में जाने वाले लोगों को पुलिस निरीक्षक (पीआई) के हाजिर नहीं होने के चलते बैरंग नहीं लौटना पड़ेगा। उन्हें थानों के चक्कर लगाने से भी छुटकारा मिलने वाला है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब राज्य के हर थाने में पुलिस निरीक्षक को सप्ताह में दो दिन सोमवार और मंगलवार को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों को सुनना होगा। इतना ही नहीं उनका निपटारा भी करना होगा। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने तत्काल प्रभाव से यह निर्देश राज्य भर में लागू करने को कहा है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक विकास सहाय को सूचना दी है कि वे इस निर्देश की कड़ाई से और त्वरित पालना सुनिश्चित कराएं।
इस निर्देश की पालना न सिर्फ शहर के पीआई स्तर के थानों बल्कि ग्रामीण इलाके में पीएसआई स्तर के थानों में भी प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा गया है।
निर्देश के तहत थाने के अधिकारी (पीआई या पीएसआई) को सप्ताह में सोमवार और मंगलवार इन दो दिनों के दौरान अनिवार्य रूप से थाने में ही हाजिर रहना होगा। इन दो दिनों के दौरान ऊपरी पुलिस अधिकारियों की ओर से अनिवार्य परिस्थिति के अलावा कोई बैठक या कार्यक्रम आयोजित न करने का भी निर्देश दिया है। लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के बाद उनका स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा निपटारा करना होगा। सरकार के इस निर्देश का उद्देश्य है कि दूर दराज के गांवों से कस्बों और शहरों में बने थानों में पहुंचने वाले लोगों को अपनी समस्या लेकर गांधीनगर तक नहीं जाना पड़े।
इसके अलावा गृह राज्यमंत्री ने कार्यालयों में बैठने वाले ऊपरी पुलिस अधिकारियों को भी हर सोमवार और मंगलवार को लोगों से मिलने के लिए उचित समय सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा यदि अधिकारी अन्य किसी कार्यक्रम में व्यस्त नहीं हैं, तो इन दो दिनों के दौरान उन्हें सामान्य नागरिकों से निर्धारित समय के अलावा पूरे दिन मिलने का मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया है।