
राजकोट. शहर की निवासी बुजुर्ग महिला की अन्ननली में फंसी 1.5 सेमी की कठोर आयुर्वेदिक गोली एंडोस्कोपी से निकालकर उसकी जान बचाई गई। 70 साल की देविका व्यास की अन्ननली में फंसी गोली इतनी कठोर थी कि उसे तोड़ना संभव नहीं था।
महिला घुटने और जोड़ों के दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक गोली ले रही थीं। गोली निगलते समय वह अचानक अन्ननली के ऊपरी हिस्से में क्रिकोफैरिंजियस (गले की मांसपेशी) के स्तर पर जाकर फंस गई। इसके बाद वह पूरे दिन पानी तक नहीं निगल पा रही थीं और गले में तेज दर्द होने लगा।
उन्हें उपचार के लिए राजकोट के ईएनटी सर्जन डॉ. हिमांशु ठक्कर के पास लाया गया। जांच के दौरान अन्ननली के ऊपरी हिस्से में रुकावट की आशंका हुई। मरीज की जनरल एनेस्थीसिया के तहत तत्काल एंडोस्कोपिक प्रक्रिया की गई। एसोफैगोस्कोप (अन्ननली की जांच करने वाला उपकरण) और विशेष फोर्सेप्स (चिमटी) की मदद से बेहद कठोर गोली को सावधानीपूर्वक पकड़कर बिना तोड़े बाहर निकाल लिया गया।
गोली निकलते ही मरीज को तुरंत राहत मिली। पानी और भोजन निगलने में हो रही परेशानी पूरी तरह दूर हुई। मरीज को लगभग दो घंटे निगरानी में रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वह बिना किसी परेशानी के पानी और भोजन ले पा रही हैं।
डॉ. ठक्कर ने बताया कि मरीज की अन्ननली के ऊपरी हिस्से में संकुचन था। इस तरह के संकुचन के कारण सामान्य आकार की गोली, मटर सरीखी वस्तु या भोजन का बड़ा टुकड़ा भी अन्ननली में फंस सकता है। बुजुर्गों में दांत कम होने, दांत गिर जाने या चबाने में परेशानी के कारण बुजुर्गों में कठोर गोली या भोजन का बड़ा टुकड़ा अन्ननली में फंसने का खतरा बढ़ सकता है।
चिकित्सक ने बताया कि निगली हुई वस्तु कभी-कभी अन्ननली के बजाय सांस की नली में भी जा सकती है। सांस की नली में फंसी वस्तु से सांस लेने में गंभीर रुकावट हो सकती है और कुछ परिस्थितियों में यह जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए बार-बार निगलने में परेशानी होने पर चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए।