अहमदाबाद

IIT-Gandhinagar : प्रोफेसर ने पुस्तक में उजागर किए वन्यजीव संरक्षण के पहलू

IIT-gandhinagar, professor, book, wild life, published, , conservation;वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इन नॉर्थईस्ट इंडियाÓ पुस्तक पर एक चर्चा सत्र की मेजबानी की

2 min read
IIT-Gandhinagar : प्रोफेसर ने पुस्तक में उजागर किए वन्यजीव संरक्षण के पहलू

गांधीनगर. विश्व वन्यजीव संरक्षण दिवस से पहले, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर ने 'टाइगर्स आर अवर ब्रदर्स एंथ्रोपोलॉजी ऑफ वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इन नॉर्थईस्ट इंडियाÓ पुस्तक पर एक चर्चा सत्र की मेजबानी की। यह पुस्तक आईआईटी-गांधीनगर की मानविकी और सामाजिक विज्ञान शाखा में सहायक प्रोफेसर अंबिका अय्यादुरई ने लिखी है। राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर के नृविज्ञान के प्रोफेसर, प्रोफेसर सरित कुमार चौधरी ऑनलाइन शामिल हुए और आईआईटी-गांधीनगर के सहायक अनुसंधान प्रोफेसर आलोक कुमार कानुगो ने सत्र का संचालन किया।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की ओर से हाल ही में प्रकाशित यह पुस्तक, अरुणाचल प्रदेश की चीन-भारत सीमा के पास प्रोफेसर अंबिका अय्यादुरई के दीर्घकालिक नृवंशविज्ञान क्षेत्रकार्य पर आधारित है और वन्यजीव संरक्षण की बहस और दिबांग घाटी के एक स्वदेशी समुदाय इदु मिश्मी के जीवन पर इसके प्रभाव की चर्चा गंभीर रूप से भाग लेती है।

डॉ. अय्यादुरई ने अपनी पुस्तक की मुख्य सामग्री पर प्रकाश डाला और प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संरक्षण के बीच संघर्ष पर चर्चा की। उन्होंने स्वदेशी समुदायों के दृष्टिकोण से संरक्षण की अवधारणा को देखने के महत्व को रेखांकित किया। वन्यजीव संरक्षण के लिए एक समावेशी, सांस्कृतिक रूप से सूचित और जन-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हुए, डॉ अय्यादुरई ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में मानव-आयाम काफी हद तक अदृश्य हैं, विशेष रूप से जातीय समुदायों के आख्यान, जो संरक्षण स्थलों में और उसके आसपास रहते हैं। यह पुस्तक स्थानीय समुदायों के जीवन पर वन्यजीव अनुसंधान और संरक्षण के प्रभाव की महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।

पुस्तक के बारे में प्रोफेसर सरित कुमार चौधरी ने इसे पूर्वोत्तर भारत के संदर्भ में वन्यजीव संरक्षण के मुद्दों पर एक भारतीय मानवविज्ञानी द्वारा लिखी गई अब तक की सबसे बेहतरीन पुस्तकों में से एक बताया। उन्होंने इस पुस्तक के समृद्ध मानवशास्त्रीय विवरण की सराहना कराते हुए कहा की उसे इस तरह से लिखा है कि एक नौसिखिया भी उसे समझ सकता है।

Published on:
26 Nov 2021 09:09 pm
Also Read
View All