28 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोधरा में ऐतिहासिक उलटफेर! 100% मुस्लिम इलाके में हिंदू की जीत पर ओवैसी और कांग्रेस भी हैरान

Godhra Hindu Candidate Win: इस चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ने पूरे गुजरात में शानदार प्रदर्शन किया। राज्य की सभी 15 महानगरपालिकाओं पर भाजपा का कब्जा रहा। अहमदाबाद में 192 में से 146 सीटें, सूरत में 115, राजकोट और वडोदरा में 65-65 सीटें भाजपा के खाते में गईं।

2 min read
Google source verification
Apekshaben Rameshbhai Soni

Apekshaben Rameshbhai Soni

Gujarat Municipal Election Results: गुजरात नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने साम्प्रदायिक सद्भाव की एक अनोखी मिसाल पेश की है। गोधरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 में, जहां 100 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, एक स्वतंत्र हिंदू महिला उम्मीदवार आपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी ने भारी मतों से जीत हासिल की है। यह गोधरा नगर पालिका के इतिहास में पहली बार हुआ है जब कोई स्वतंत्र महिला उम्मीदवार किसी वार्ड से विजयी हुई है। मुस्लिम इलाके में हिंदू प्रत्याशी की जीत पर ओवैसी और कांग्रेस भी हैरान रह गई, क्योंकि उनके सारे समीकरण फेल हो गए।

गोधरा वॉर्ड में 100 प्रतिशत मुस्लिम वोटर

वार्ड नंबर 7 पूरी तरह मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। स्थानीय लोगों और विश्लेषकों के अनुसार, मतदाताओं ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर विकास, स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार की विश्वसनीयता को प्राथमिकता दी। आपेक्षाबेन खुद इस वार्ड की मतदाता भी नहीं हैं, फिर भी मुस्लिम मतदाताओं ने उन्हें भारी समर्थन दिया। उनकी जीत को “भारी बहुमत” से बताते हुए इसे सामाजिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

गुजरात में भाजपा की बंपर जीत

इस चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ने पूरे गुजरात में शानदार प्रदर्शन किया। राज्य की सभी 15 महानगरपालिकाओं पर भाजपा का कब्जा रहा। अहमदाबाद में 192 में से 146 सीटें, सूरत में 115, राजकोट और वडोदरा में 65-65 सीटें भाजपा के खाते में गईं। पूरे राज्य में लगभग 9,900 से अधिक सीटों में भाजपा ने करीब 6,472 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 1,412 और अन्य दलों को 597 सीटें मिलीं।

गोधरा की इस घटना को गोधरा मॉडल का नाम दिया जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि मतदाताओं ने पारंपरिक धर्म-आधारित वोटिंग पैटर्न को तोड़कर योग्यता और स्थानीय शासन की जरूरतों को महत्व दिया। यह नतीजा उन क्षेत्रों में भी संदेश देता है जहां पहले साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण मजबूत माना जाता था।

सद्भाव की मिसाल

गोधरा 2002 के दंगों के लिए कुख्यात रहा है। ऐसे में 100 प्रतिशत मुस्लिम वार्ड से हिंदू महिला की जीत को कई लोग सामाजिक परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं। स्थानीय मुस्लिम मतदाताओं ने उम्मीदवार को “विकास के लिए सबसे उपयुक्त” बताते हुए समर्थन दिया।