28 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिहार और महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों के लिए बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट

भाजपा ने बिहार और महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक योगदान को ध्यान में रखते हुए नाम तय किए हैं। इन चुनावों को आगामी बड़े चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, जहां भाजपा मजबूत प्रदर्शन की कोशिश में है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

Apr 28, 2026

BJP

BJP

BJP: भारतीय राजनीति में चुनावी सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार और महाराष्ट्र में होने वाले विधान परिषद के उपचुनाव और द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस सूची के जरिए पार्टी ने न सिर्फ चुनावी तैयारी का संकेत दिया है, बल्कि अपनी रणनीति भी साफ कर दी है। सबसे पहले बात बिहार की करें तो यहां विधान परिषद के उपचुनाव के लिए पार्टी ने सूर्य कुमार शर्मा, जिन्हें अरविंद शर्मा के नाम से भी जाना जाता है, को मैदान में उतारा है। पार्टी के अंदर उनकी पहचान एक सक्रिय और अनुभवी नेता के रूप में रही है। माना जा रहा है कि उनके नाम पर सहमति बनाना भाजपा के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं रहा।

महाराष्ट्र में उपचुनाव


वहीं, महाराष्ट्र में उपचुनाव के लिए भाजपा ने डॉ. प्रज्ञा राजीव सातव को उम्मीदवार बनाया है। उनके चयन को लेकर पार्टी का फोकस साफ दिखाई देता है। नए और प्रभावशाली चेहरों को मौका देना, जो जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हों। इसके अलावा महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने पांच उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें सुनील विनायक कर्जतकर, माधवी नाईक, संजय नत्थूजी भेंडे, विवेक बिपिनदादा कोल्हे और प्रमोद शांताराम जठार शामिल हैं। इन सभी नामों पर पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपनी मंजूरी दे दी है। बिहार और महाराष्ट्र, दोनों ही राज्यों में विधान परिषद की सीटें राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती हैं।

जानें डिटेल्स


पार्टी सूत्रों की मानें तो उम्मीदवारों के चयन में कई पहलुओं का ध्यान रखा गया है। इसमें अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और संगठन के प्रति योगदान जैसे फैक्टर अहम रहे। भाजपा ने कोशिश की है कि हर क्षेत्र और वर्ग को प्रतिनिधित्व मिले, जिससे चुनाव में संतुलित और मजबूत स्थिति बनाई जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल उम्मीदवारों की घोषणा नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत भी है। भाजपा इन चुनावों को सिर्फ विधान परिषद की सीटों तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे आने वाले बड़े चुनावों की तैयारी के रूप में देख रही है। खासतौर पर महाराष्ट्र में पांच सीटों पर एक साथ उम्मीदवार उतारना यह दिखाता है कि पार्टी यहां पूरी ताकत झोंकने के मूड में है।