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West Bengal Polls: IPS अजय पाल शर्मा-जहांगीर विवाद के बीच जॉइंट BDO सौरव हाजरा का तबादला

Election Commission: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले फलता में भारी तनाव। IPS अजय पाल शर्मा और TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच 'सिंघम बनाम पुष्पा' विवाद। चुनाव आयोग ने ज्वाइंट BDO का तबादला किया।

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भारत निर्वाचन आयोग कार्यालय (फाइल फोटो)।

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले दक्षिण 24 परगना जिले का फलता विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक और प्रशासनिक उठापटक का केंद्र बन गया है। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से महज एक दिन पहले निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए फलता के ज्वाइंट बीडीओ सौरव हाजरा का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। उन्हें पुरुलिया मुख्यालय भेजा गया है और उनकी जगह राम्या भट्टाचार्य को विशेष ड्यूटी पर तैनात किया गया है। आयोग का यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा व टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच छिड़े विवाद की पृष्ठभूमि में आया है।

विवाद की जड़ और आईपीएस की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब निर्वाचन आयोग द्वारा पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा फलता क्षेत्र के दौरे पर थे। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के आवास के बाहर सख्त तेवर अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मतदाताओं को डराने-धमकाने या चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की गई, तो प्रशासन बेहद कड़ी कार्रवाई करेगा। वायरल वीडियो में शर्मा को जहांगीर खान के परिवार से यह कहते सुना गया कि वे उम्मीदवार को समझा दें कि यदि उनके लोगों ने धमकी देना बंद नहीं किया, तो पुलिस उनसे 'ठीक से' निपटेगी और उस समय किसी भी प्रकार का पछतावा काम नहीं आएगा।

जहांगीर खान का 'पुष्पा' अंदाज में पलटवार

आईपीएस अधिकारी के इस कड़े रुख पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसने विवाद को फिल्मी रंग दे दिया। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि यह बंगाल है और यहां किसी भी प्रकार की धौंस नहीं चलेगी। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अगर अधिकारी खुद को 'सिंघम' समझते हैं, तो वह भी 'पुष्पा' हैं। खान ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पुलिस अधिकारी टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने और उन्हें डराने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि विपक्षी दल अपनी हार देख बौखला गया है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने मतदान से पहले फलता के राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है, जिसके चलते प्रशासन अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।