-देश में सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर वाला राज्य बना गुजरात, गांधीनगर में दिव्यांगों के लिए हाई परफोर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर का शिलान्यास
Ahmedabad. केन्द्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत का संकल्प है कि वर्ष 2036 का ओलंपिक अहमदाबाद के मोटेरा इलाके में स्थित विश्व के सबसे बड़े नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के बाजू में बन रहे सरदार पटेल स्पोर्ट्स संकुल में खेला जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी गुजरात सरकार कर रही है। सरदार पटेल स्पोर्ट्स संकुल में 10 से ज्यादा स्टेडियम बनेंगे।
वे रविवार को गांधीनगर में दिव्यांग खिलाडि़यों के लिए बनने वाले हाई परफोर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर के महात्मा मंदिर में आयोजित शिलान्यास समारोह और गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे।
शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब खेले गुजरात और अब प्रधानमंत्री के रूप में उनके मूल मंत्र स्पोर्ट्स फॉर ऑल को साकार करने को गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार प्रतिबद्ध है। गुजरात आज देखते ही देखते देशभर में सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब गुजरात का खेल बजट ढाई करोड़ था। आज 2025 में वह बढ़कर 352 करोड़ का बजट हो गया है।
शाह ने कहा कि गांधीनगर में पैरा हाई परफोर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर को 325 करोड़ के लागत से बनाया जा रहा है। यहां दिव्यांग खिलाडि़यों को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी। पूरे देश में ऐसी सुविधा कहीं नहीं है। दिव्यांग खिलाडि़यों को राज्य, देश और दुनिया के साथ स्पर्धा करने को सेंटर में पैरा एथलेटिक्स के 12 अंतरराष्ट्रीय खेलों की ट्रेनिंग, प्रेक्टिस की व्यवस्था है। एसी हॉल, आवास, होस्टल की सुविधा है। कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी। डेढ़ से दो साल में यह सेंटर कार्यरत हो जाएगा।
शाह ने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र ,देश में संभवत: सबसे बेहतर खेल सुविधाओं वाला क्षेत्र है। नारणपुरा में बन रहा स्पोर्ट्स संकुल, मोटेरा स्थित विश्व का सबसे बड़ा नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम और उसके पास बन रहा सरदार पटेल स्पोर्ट्स संकुल भी गांधीनगर लोस क्षेत्र में है। अब गांधीनगर में ही हाई पैरा परफोर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर भी बन रहा है।
शाह की उपस्थिति में महात्मा मंदिर में गुजरात सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के बीच एक समझौता हुआ। शाह ने कहा कि इस समझौते से राज्य और केन्द्र की डीएसटी और सीएससी से जुड़़ी 300 सेवाएं शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को सीएससी सेंटर से मिल सकेंगी। लोग घर से दो किलोमीटर दायरे में आधारकार्ड, पैनकार्ड बनवाने, रेलवे, बस, विमान की टिकट बुकिंग, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशनकार्ड बनवाने, छात्रवृत्ति आवेदन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने को डिजिटल सेवा ले सकेंगे। यह करार पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को और गति देगा।
शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में एक जीबी डेटा की कीमत 217 रुपए थी। आज एक जीबी डेटा के 9 रुपए ही लगते हैं। देश में 2014 मोबाइल ब्रॉडबैंड की स्पीड 1.30 एमबीपीएस थी। आज 96 एमबीपीएस स्पीड है। इस परिवर्तन से डिजिटल लेनदेन, मनोरंजन सेवा, व्यापार, बैकिंग सेवा, डिजिटल शिक्षा बढ़ी है। डिजिटल सेवा को ग्रासरूट लेवल पर सरकार ले जा रही है।