पांच हजार शिक्षकों ने स्वैच्छिक शामिल होने की इच्छा व्यक्त की, 120 शिक्षकों को दिया मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षण
वडोदरा. कोरोना के खिलाफ जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सेवारत स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए कोविड आर्मी का गठन किया गया है, जो कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में मददगार बनेंगे। वडोदरा शहर एवं जिले के प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक के पांच हजार शिक्षकों ने स्वैच्छिक तौर पर शामिल होने के लिए इच्छा जताई है। फिलहाल 120 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षण दिया गया है।
मौजूदा समय में इन मास्टर ट्रेनर के जरिए कोविड आर्मी के तौर पर कार्य करने को तैयार अन्य साथी शिक्षकों को 50-50 की बैच में प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर एवं श्रेयस विद्यालय (गुजराती माध्यम) के प्राचार्य योगेश सिरसाठे ने कहा कि कोविड आर्मी शिक्षकों को समाज के स्वास्थ्य के लिए आर्मीमेन बनने का मौका मिलेगा। जून में कोविड का तीसरा चरण शुरू होगा। इसके चलते सतर्कता के मद्देनजर यह आर्मी बनाई गई है। कोविड आर्मी के सदस्य के तौर पर हमें स्वास्थ्य विभाग एवं कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच संपर्क कड़ी के तौर पर स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करना है।
घरों से ही करेंगे कार्य
इस आर्मी में शामिल शिक्षकों को अपने घरों से ही प्रशासन से जो कोरोना मरीजों की सूची दी जाएगी उनसे दिन में चार से पांच बार संपर्क करना है। वे मरीजों से बुखार, सर्दी, खांसी जैसे लक्षणों की जानकारी एकत्रित करेंगे। बाद में उसे प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। यदि मरीज की स्थिति खराब होती है तो भी प्रशासन को अवगत कराएंगे। वे घरों में क्वारंटाइन के मरीजों एवं उनके परिजनों से लगातार संपर्क कर निगरानी करने में मददगार बनेंगे। श्रेयस विद्यालय-अंग्रेजी माध्यम की प्राचार्य नीताबेन जानी ने कहा कि आर्मी में शामिल प्रत्येक शिक्षक मरीजों की सूची सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन को सौंपेंगे, जिनका मोबाइल से संपर्क कर उपचार में मददगार बनना होगा।